Rajasthan – मानसून में झरनों की खूबसूरती से निखर उठते हैं प्रदेश के ये पर्यटन स्थल
Rajasthan- राजस्थान को आमतौर पर रेगिस्तान, ऐतिहासिक किले और भव्य महलों के लिए जाना जाता है, लेकिन बारिश का मौसम इस राज्य की एक अलग ही तस्वीर सामने लाता है। मानसून के दौरान अरावली की पहाड़ियां हरियाली से ढक जाती हैं और कई प्राकृतिक झरने पूरे वेग से बहने लगते हैं। यही वजह है कि हाल के वर्षों में मानसून के दौरान प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों के बीच इन स्थानों की लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।

बूंदी का भीमलत जलप्रपात
बूंदी जिले में स्थित भीमलत जलप्रपात मानसून के मौसम में सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले प्राकृतिक स्थलों में गिना जाता है। लगभग 60 मीटर की ऊंचाई से गिरता पानी और आसपास फैली हरियाली यहां आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करती है। यह स्थान फोटोग्राफी, प्रकृति भ्रमण और हल्की ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। बारिश के दिनों में यहां का वातावरण और अधिक मनमोहक हो जाता है।
मेनाल जलप्रपात की प्राकृतिक और ऐतिहासिक पहचान
चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा के बीच स्थित मेनाल जलप्रपात प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपने प्राचीन मंदिरों के लिए भी प्रसिद्ध है। मानसून में यहां पानी का प्रवाह तेज हो जाता है, जिससे झरने का दृश्य और भी आकर्षक दिखाई देता है। जो पर्यटक इतिहास और प्रकृति दोनों का आनंद एक साथ लेना चाहते हैं, उनके लिए यह स्थान एक अच्छा विकल्प माना जाता है।
गौमुख जलप्रपात का अलग आकर्षण
चित्तौड़गढ़ किले के समीप स्थित गौमुख जलप्रपात धार्मिक महत्व और प्राकृतिक सौंदर्य का अनूठा मेल प्रस्तुत करता है। यहां सालभर जलधारा बहती रहती है, लेकिन बारिश के मौसम में इसका प्रवाह और आसपास का वातावरण अधिक आकर्षक हो जाता है। ऐतिहासिक किले की पृष्ठभूमि इस स्थान की खूबसूरती में अतिरिक्त आकर्षण जोड़ती है।
उदयपुर के पास दामोह जलप्रपात
अरावली पर्वतमाला के बीच स्थित दामोह जलप्रपात मानसून के दौरान स्थानीय लोगों और पर्यटकों की पसंदीदा जगहों में शामिल रहता है। शांत वातावरण, घनी हरियाली और बहते पानी का प्राकृतिक दृश्य इसे वीकेंड ट्रिप के लिए उपयुक्त बनाता है। शहर की भागदौड़ से दूर कुछ समय प्रकृति के बीच बिताने के इच्छुक लोगों के लिए यह स्थान अच्छा विकल्प हो सकता है।
यात्रा के दौरान बरतें जरूरी सावधानी
बारिश के मौसम में झरनों की यात्रा करते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। फिसलन वाली चट्टानों पर सावधानी से चलें और तेज बहाव वाले पानी में उतरने से बचें। यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और अच्छी पकड़ वाले जूते पहनें। बच्चों पर लगातार नजर रखें तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। प्राकृतिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक या अन्य कचरा खुले में न छोड़ें।
घूमने का सबसे उपयुक्त समय
राजस्थान के झरनों की प्राकृतिक छटा देखने के लिए जुलाई से सितंबर के बीच का समय सबसे अनुकूल माना जाता है। इस अवधि में बारिश के कारण झरनों में पर्याप्त जल प्रवाह रहता है और आसपास की पहाड़ियां तथा घाटियां हरियाली से भर जाती हैं। यदि आप राजस्थान की पारंपरिक छवि से अलग प्राकृतिक रूप का अनुभव करना चाहते हैं, तो मानसून के दौरान इन स्थलों की यात्रा यादगार साबित हो सकती है।