GlobalDiplomacy – फ्रांस में जी7 बैठक में शामिल होंगे विदेश मंत्री जयशंकर
GlobalDiplomacy – विदेश मंत्री एस जयशंकर गुरुवार से शुरू हो रही फ्रांस यात्रा के दौरान जी7 देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक में हिस्सा लेंगे। यह दौरा फ्रांस के विदेश मंत्री के आमंत्रण पर हो रहा है और इसे वैश्विक कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में दुनिया के सामने मौजूद कई जटिल मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा, जिनमें सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रमुख हैं।

द्विपक्षीय बैठकों पर भी रहेगा जोर
इस दौरे के दौरान जयशंकर अपने समकक्ष देशों के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग मुलाकात भी करेंगे। इन बैठकों में भारत के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, व्यापार और रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, ये बातचीत विभिन्न देशों के साथ भारत के संबंधों को और गहरा करने का अवसर प्रदान करेगी।
वैश्विक मुद्दों पर केंद्रित रहेगा एजेंडा
फ्रांस में आयोजित इस बैठक का एजेंडा व्यापक रखा गया है। इसमें यूक्रेन में जारी संघर्ष, उसके बाद पुनर्निर्माण की चुनौतियां, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक शासन से जुड़े सुधार जैसे विषय शामिल हैं। इन मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच साझा दृष्टिकोण विकसित करने की कोशिश की जाएगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वित प्रयास हो सकें।
आगामी शिखर सम्मेलन की तैयारी भी शामिल
फ्रांस के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह बैठक आगामी जी7 शिखर सम्मेलन की तैयारी का हिस्सा भी है। यहां होने वाली चर्चाएं आगे होने वाले शीर्ष स्तर के संवाद के लिए आधार तैयार करेंगी। अधिकारियों का मानना है कि इन बैठकों से ऐसे सुझाव सामने आएंगे जो भविष्य की नीतियों को दिशा देने में सहायक होंगे।
समुद्री सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला पर विशेष चर्चा
बैठक में समुद्री मार्गों की सुरक्षा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता और अवैध गतिविधियों से निपटने जैसे मुद्दों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें नशीले पदार्थों की तस्करी, महत्वपूर्ण संसाधनों की सुरक्षा और समुद्री परिवहन की स्वतंत्रता जैसे पहलुओं पर विचार होने की संभावना है।
गैर-जी7 देशों के साथ संवाद भी होगा अहम
इस बैठक में केवल जी7 देश ही नहीं, बल्कि भारत समेत कई अन्य देशों को भी आमंत्रित किया गया है। दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब, ब्राजील और यूक्रेन जैसे देशों के प्रतिनिधियों के साथ भी विचारों का आदान-प्रदान होगा। यह पहल वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने और साझा चुनौतियों का समाधान खोजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।