झारखण्ड

FuelPrice – रांची में पेट्रोल-डीजल महंगा होते ही पंपों पर बढ़ी भीड़

FuelPrice – राजधानी रांची में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद शुक्रवार को कई पेट्रोल पंपों पर असामान्य भीड़ देखने को मिली। शहर के अलग-अलग इलाकों में लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे कई पंपों पर लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे रहे कि कुछ लोग डब्बों और कैनों में भी पेट्रोल-डीजल भरवाते नजर आए। अफवाहों के कारण लोगों में ईंधन की कमी को लेकर चिंता बढ़ गई।

हरमू, बिरसा चौक, कोकर और आसपास के कई पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। बड़ी संख्या में वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराईं। कई लोग इस आशंका में अतिरिक्त ईंधन जमा करते दिखे कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं या सप्लाई प्रभावित हो सकती है।

नई कीमतों के बाद बढ़ी चिंता

नई दरें लागू होने के बाद रांची में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई है। शहर में पेट्रोल अब 100.86 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि पहले इसकी कीमत 97.86 रुपये थी। वहीं डीजल का दाम 92.62 रुपये से बढ़कर 95.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है।

कीमतों में अचानक हुए इस बदलाव का असर सीधे आम लोगों पर दिखाई देने लगा है। रोजाना निजी वाहन इस्तेमाल करने वाले लोगों के साथ-साथ परिवहन और व्यापार से जुड़े कारोबारी भी बढ़ती लागत को लेकर चिंतित नजर आए।

प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और पेट्रोल पंप संचालकों ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है और घबराने जैसी कोई स्थिति नहीं है।

प्रशासन ने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर ध्यान न दें। लोगों से केवल आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल और डीजल खरीदने की अपील की गई है ताकि सभी उपभोक्ताओं को नियमित आपूर्ति मिलती रहे।

मांग और आपूर्ति के बीच बढ़ा अंतर

सूत्रों के अनुसार रांची में रोजाना ईंधन की मांग और उपलब्धता के बीच करीब एक लाख लीटर का अंतर बना हुआ है। इसी वजह से कुछ पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर भीड़ बढ़ने के कारण आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई।

इसके अलावा कुछ इलाकों से निर्धारित कीमत से अधिक दर पर पेट्रोल और डीजल बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। प्रशासन ने ऐसे मामलों की जांच के संकेत दिए हैं और कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

अंतरराष्ट्रीय हालात का दिख रहा असर

पेट्रोलियम कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसका असर भारत सहित कई देशों में ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह बढ़ते रहे तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और इजाफा हो सकता है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं और परिवहन क्षेत्र पर आर्थिक दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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