USMilitary – चार अमेरिकी सैनिकों को अंतिम सैन्य सम्मान देने डोवर पहुंचेंगे ट्रंप
USMilitary – अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को डेलावेयर स्थित डोवर एयर फ़ोर्स बेस पहुंचकर पश्चिम एशिया में जान गंवाने वाले चार अमेरिकी सैनिकों को अंतिम सैन्य सम्मान अर्पित करेंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, इस दौरान सैनिकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे। राष्ट्रपति के रूप में इस तरह के सैन्य सम्मान समारोह में शामिल होना संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में माना जाता है।

व्हाइट हाउस ने दी कार्यक्रम की जानकारी
व्हाइट हाउस की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप डोवर एयर फ़ोर्स बेस पर आयोजित औपचारिक समारोह में मौजूद रहेंगे। फरवरी में ईरान के साथ संघर्ष शुरू होने के बाद यह तीसरा अवसर होगा, जब वह युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे। प्रशासन का कहना है कि ऐसे समारोह शहीद सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति देश की ओर से सम्मान व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर होते हैं।
जॉर्डन और इराक में हुई थीं घटनाएं
अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बताया कि समारोह में जॉर्डन में ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों में मारे गए दो सैनिकों के पार्थिव शरीर लाए जाएंगे। इसके अलावा हमले के बाद लापता हुए और बाद में मृत घोषित किए गए एक अन्य सैनिक का पार्थिव शरीर भी डोवर लाया जाएगा। इराक में ईरानी ड्रोन हमले में जान गंवाने वाले एक सैनिक के पार्थिव शरीर को भी इसी दौरान परिजनों को सौंपा जाएगा।
रक्षा मंत्रालय ने सैनिकों की पहचान बताई
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जॉर्डन में मारे गए सैनिकों में हवाई के ईवा बीच निवासी 25 वर्षीय टायलर जेम्स फीहान और टेक्सस के कैरोल्टन की 19 वर्षीय इसाबेला गोंजालेस शामिल हैं। वहीं, हमले के बाद लापता हुए और बाद में मृत घोषित किए गए सैनिक की पहचान न्यूयॉर्क के ओजोन पार्क निवासी 28 वर्षीय एंजेल एस. रैम्परसाड के रूप में की गई है। इराक में जान गंवाने वाले सैनिक की पहचान नॉर्थ कैरोलाइना के स्प्रिंग लेक निवासी 30 वर्षीय माइकल इमैनुएल स्विंटन के रूप में हुई है।
ट्रंप ने जताया शोक और सम्मान
मंगलवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि डोवर जाकर सैनिकों को श्रद्धांजलि देना उनके लिए सम्मान की बात है। इससे पहले भी उन्होंने युद्ध में जान गंवाने वाले सैनिकों के प्रति गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें देशभक्त बताया था। ट्रंप का कहना था कि अमेरिकी सैनिक राष्ट्रीय सुरक्षा और अपने दायित्वों के निर्वहन के लिए तैनात थे।
ईरान को लेकर ट्रंप का बयान
ईरान के साथ अंतरिम समझौता समाप्त होने के बाद अमेरिका ने तेहरान से जुड़े कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की है। इसी संदर्भ में ट्रंप ने कहा कि यदि किसी अमेरिकी सैनिक पर हमला होता है, तो उसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जॉर्डन में अधिकांश हमलों को अमेरिकी सुरक्षा प्रणाली ने विफल कर दिया था, हालांकि कुछ हमले सुरक्षा व्यवस्था को भेदने में सफल रहे। ट्रंप ने इस दौरान सुरक्षा प्रबंधन को लेकर भी टिप्पणी की, लेकिन उन्होंने किसी व्यक्ति या संस्था का नाम नहीं लिया।
युद्ध में बढ़ता अमेरिकी नुकसान
अमेरिकी प्रशासन के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष के बाद अब तक 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। डोवर एयर फ़ोर्स बेस पर आयोजित होने वाला यह सैन्य सम्मान समारोह उन सैनिकों के प्रति राष्ट्र की श्रद्धांजलि का हिस्सा माना जा रहा है, जहां राष्ट्रपति स्वयं उपस्थित होकर शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करेंगे।