Terrorism – पूर्व आईपीएस अधिकारी की किताब में रियाज भटकल को लेकर बड़ा दावा
Terrorism – आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े मामलों पर आधारित एक नई चर्चा पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय की पुस्तक ‘अंतहीन’ में किए गए एक दावे के बाद सामने आई है। पुस्तक में अंडरवर्ल्ड से जुड़े रहे बबलू श्रीवास्तव के हवाले से कहा गया है कि इंडियन मुजाहिदीन के कथित सरगना रियाज भटकल की पाकिस्तान में हत्या हो चुकी है। हालांकि इस दावे की किसी सरकारी एजेंसी या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।

किताब में दर्ज पूछताछ का उल्लेख
पुस्तक के अनुसार, वर्ष 2003 से 2008 के बीच देश के विभिन्न हिस्सों में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, संगठन के प्रमुख बताए जाने वाले रियाज भटकल और इकबाल भटकल भारत से निकलकर नेपाल के रास्ते पाकिस्तान पहुंच गए थे। राजेश पांडेय ने लिखा है कि जब वे बरेली में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) थे, उस समय बबलू श्रीवास्तव वहां की जेल में बंद था। उसी दौरान हुई बातचीत में उसने रियाज भटकल की हत्या को लेकर यह दावा किया था।
छोटा राजन की गिरफ्तारी के बाद बदले हालात
पुस्तक में यह भी उल्लेख है कि नवंबर 2015 में सीबीआई इंडोनेशिया से छोटा राजन को भारत लेकर आई थी, जिसके बाद उसे तिहाड़ जेल में रखा गया। लेखक के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले छोटा राजन भी सार्वजनिक रूप से यह दावा कर चुका था कि रियाज भटकल की हत्या उसके नेटवर्क के लोगों ने पाकिस्तान में की थी। पुस्तक में यह भी कहा गया है कि 1993 मुंबई बम विस्फोटों के बाद अंडरवर्ल्ड दो अलग-अलग गुटों में बंट गया था और समय के साथ दोनों पक्षों के बीच दूरी और गहरी होती चली गई।
अंडरवर्ल्ड नेटवर्क पर पुस्तक का दावा
राजेश पांडेय ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में रहकर कथित तौर पर आईएसआई के संरक्षण में था, जबकि उसके विरोधी गुट से जुड़े कई प्रमुख चेहरे भारतीय जेलों में सजा काट रहे थे। लेखक के अनुसार, 2015 के बाद मुंबई में अंडरवर्ल्ड का प्रभाव काफी कमजोर पड़ गया क्योंकि दोनों पक्षों के कई शूटर या तो मारे जा चुके थे या जेलों में बंद थे।
नेपाल और पाकिस्तान को लेकर बबलू श्रीवास्तव का कथन
पुस्तक के मुताबिक, तिहाड़ जेल में विभिन्न अंडरवर्ल्ड से जुड़े लोगों के बीच संपर्क होने के बाद बबलू श्रीवास्तव ने दावा किया कि उसने नेपाल में दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क को समाप्त करने में भूमिका निभाई थी। उसने यह भी कहा कि नेपाल से पाकिस्तान भागे कुछ लोगों को भी वहां निशाना बनाया गया। पुस्तक में जिन नामों का उल्लेख किया गया है, उनमें मोहम्मद शरीक उर्फ छोटा दाऊद, सगीर अहमद, रियाज भटकल और अनवर खान शामिल बताए गए हैं। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अन्य आतंकियों और दाऊद को लेकर भी टिप्पणी
पुस्तक में बबलू श्रीवास्तव के हवाले से यह भी लिखा गया है कि पाकिस्तान में सक्रिय कई वांछित आतंकी अब भी अपने नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। इनमें मौलाना मसूद अजहर, सैयद सलाहुद्दीन, तलहा हाफिज सईद, जकी-उर-रहमान लखवी और सरफराज तांबा जैसे नाम शामिल बताए गए हैं। लेखक के अनुसार, बबलू श्रीवास्तव ने बातचीत में कहा कि दाऊद इब्राहिम के खिलाफ कार्रवाई को वह अपनी प्राथमिकता मानता है और उसने भारतीय एजेंसियों के साथ सहयोग की बात भी कही थी। हालांकि पुस्तक में दर्ज ये सभी बातें संबंधित व्यक्तियों के कथित बयानों पर आधारित हैं और इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।