SpaceMission – चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर नए अभियान की तैयारी में चीन
SpaceMission – चीन ने अपने आगामी चंद्र मिशन ‘चांग’ई-7’ को लेकर नई जानकारी साझा की है। देश की मानव अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, यह मिशन इस वर्ष के अंत तक लॉन्च किया जाएगा और इसका मुख्य लक्ष्य चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र का विस्तृत अध्ययन करना होगा। वैज्ञानिक इस मिशन के जरिए वहां मौजूद पर्यावरणीय परिस्थितियों और संभावित संसाधनों की जांच करेंगे।

दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर रहेगा मिशन का फोकस
चीनी अधिकारियों ने बताया कि ‘चांग’ई-7’ मिशन को कई चरणों में संचालित किया जाएगा। इसमें ऑर्बिटर, लैंडर, रोवर और हॉपिंग यान जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा, ताकि चंद्रमा की सतह और आसपास के क्षेत्र का व्यापक सर्वेक्षण किया जा सके। मिशन का एक बड़ा उद्देश्य वहां जल-बर्फ की मौजूदगी की तलाश करना भी है, क्योंकि भविष्य में मानव मिशनों और रिसर्च स्टेशन के लिए यह संसाधन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंतरिक्ष एजेंसी के प्रवक्ता झांग जिंगबो ने कहा कि दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र को भविष्य के वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। इसी कारण इस इलाके के भूगर्भीय और पर्यावरणीय आंकड़े जुटाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
प्रक्षेपण से पहले अंतिम तैयारियां जारी
अप्रैल महीने में ‘चांग’ई-7’ को दक्षिण चीन के हैनान प्रांत स्थित लॉन्च सेंटर पहुंचाया गया था। वहां मिशन से जुड़ी तकनीकी जांच और परीक्षण प्रक्रिया चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तैयारियां निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ रही हैं और अब तक किसी बड़ी तकनीकी बाधा की जानकारी नहीं मिली है।
चीन पिछले कुछ वर्षों से लगातार अपने चंद्र कार्यक्रम को विस्तार दे रहा है। इससे पहले देश ने ‘चांग’ई-6’ मिशन के माध्यम से चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से से नमूने लाकर अंतरिक्ष अनुसंधान में नई उपलब्धि हासिल की थी। वैज्ञानिक समुदाय ने इस मिशन को तकनीकी दृष्टि से महत्वपूर्ण माना था।
वैश्विक स्तर पर बढ़ रही चंद्र मिशनों की प्रतिस्पर्धा
चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को लेकर दुनियाभर की अंतरिक्ष एजेंसियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023 में भारत का ‘चंद्रयान-3’ मिशन भी इसी क्षेत्र के पास सफलतापूर्वक उतरा था। इसके बाद से इस इलाके में वैज्ञानिक अनुसंधान की संभावनाओं पर और अधिक ध्यान दिया जाने लगा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में जमी हुई बर्फ भविष्य में अंतरिक्ष अभियानों के लिए पानी, ऑक्सीजन और ईंधन का स्रोत बन सकती है। इसी वजह से कई देश इस हिस्से को दीर्घकालिक अंतरिक्ष योजनाओं के लिए अहम मान रहे हैं।
2030 तक मानव मिशन भेजने की योजना
चीन ने आने वाले वर्षों के लिए अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम को और आक्रामक रूप से आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। अधिकारियों के अनुसार, देश का लक्ष्य वर्ष 2030 तक चंद्रमा पर मानवयुक्त मिशन भेजना है। इसके लिए मानव मिशनों और रोबोटिक अभियानों को एकीकृत रणनीति के तहत विकसित किया जा रहा है।
अंतरिक्ष विशेषज्ञों का मानना है कि ‘चांग’ई-7’ मिशन भविष्य के मानव अभियानों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस मिशन से प्राप्त आंकड़े चंद्रमा पर स्थायी अनुसंधान ढांचे की संभावनाओं को समझने में मदद करेंगे।