HezbollahAttacks – 24 घंटों में 39 हमलों का दावा, बढ़ा सीमा तनाव
HezbollahAttacks – लेबनान के सशस्त्र संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने बीते 24 घंटों के दौरान इस्राइल के खिलाफ 39 अलग-अलग सैन्य कार्रवाइयों को अंजाम दिया। इन हमलों में इस्राइली बस्तियों, सैनिकों की तैनाती वाले क्षेत्रों और सैन्य वाहनों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है। क्षेत्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इस्राइल की सीमा पर दोनों पक्षों के बीच कई जगहों पर आमने-सामने की झड़पें भी हुई हैं, जिससे हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं।

इस्राइल का जवाबी रुख और सैन्य कार्रवाई जारी
इस घटनाक्रम के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक वीडियो संदेश जारी कर स्थिति पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य अभियान जारी रहेगा और इसे किसी भी स्थिति में रोका नहीं जाएगा। नेतन्याहू ने बिंट जबील क्षेत्र को हिजबुल्लाह का प्रमुख ठिकाना बताते हुए इसे खत्म करने की प्रतिबद्धता जताई। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि इस्राइल फिलहाल सैन्य दबाव बनाए रखने की रणनीति पर कायम है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर हमलों को लेकर WHO की चिंता
संघर्ष के बीच स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहे असर को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। WHO के महानिदेशक टेड्रोस एडहानोम घेब्रेयेसस ने बताया कि दक्षिण लेबनान का तेबनीन सरकारी अस्पताल भारी दबाव में काम कर रहा है। अप्रैल में अस्पताल के आसपास हुए दो हमलों से उसकी संरचना को नुकसान पहुंचा है, जिसमें 11 स्वास्थ्यकर्मी घायल हुए थे। अस्पताल के कई महत्वपूर्ण विभाग, जैसे इमरजेंसी यूनिट, वेंटिलेटर सिस्टम और दवाओं की आपूर्ति प्रभावित हुई है, हालांकि सीमित स्तर पर सेवाएं अब भी जारी हैं।
स्वास्थ्य ढांचे पर हमलों के गंभीर आंकड़े
WHO द्वारा साझा किए गए आंकड़े स्थिति की गंभीरता को और स्पष्ट करते हैं। संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े 133 ठिकानों पर हमले दर्ज किए गए हैं। इन घटनाओं में 88 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 206 लोग घायल हुए हैं। हमलों के कारण 15 अस्पताल और 7 स्वास्थ्य केंद्र क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इसके अलावा 5 अस्पतालों और 56 स्वास्थ्य केंद्रों को पूरी तरह बंद करना पड़ा है, जिससे आम नागरिकों के लिए इलाज तक पहुंच मुश्किल हो गई है।
एम्बुलेंस पर हमले और बढ़ता मानवीय संकट
दक्षिण लेबनान के मईफादौन इलाके में हाल ही में हुई एक घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्राइली हमलों में एक एम्बुलेंस को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम चार पैरामेडिक्स की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। इस तरह की घटनाएं न केवल मानवीय संकट को गहरा करती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ा रही हैं। WHO ने सभी पक्षों से स्वास्थ्य सेवाओं, मरीजों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
कूटनीतिक प्रयास जारी, लेकिन तनाव बरकरार
हालात के बीच इस्राइल ने संकेत दिए हैं कि वह शांति के लिए बातचीत का रास्ता भी खुला रखना चाहता है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान के साथ संवाद जारी है और लक्ष्य क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना है। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इस्राइल की सुरक्षा कैबिनेट जल्द ही युद्धविराम की संभावनाओं पर विचार कर सकती है।
दूसरी ओर, जमीनी स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बढ़ते खतरे को देखते हुए दक्षिण लेबनान के कई इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। लगातार हो रही गोलाबारी और हमलों के कारण आम नागरिकों के सामने सुरक्षा और जीवन-यापन की गंभीर चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।



