DurandLine – अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा तनाव, हमलों के आरोप
DurandLine – अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच विवादित डूरंड लाइन को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल के दिनों में सीमा के आसपास हवाई हमलों और भारी गोलाबारी की घटनाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है। तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पाकिस्तान की वायुसेना ने कंधार हवाई अड्डे के पास स्थित एक ईंधन डिपो को निशाना बनाया। उनके अनुसार यह डिपो निजी एयरलाइन काम एयर से जुड़ा हुआ है, जो घरेलू उड़ानों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के विमानों को भी ईंधन उपलब्ध कराती है।

मुजाहिद ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि यह हमला नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाला है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले पाकिस्तान ने एक स्थानीय व्यापारी हाजी खान जादा के ईंधन भंडारण केंद्र पर भी हमला किया था। पाकिस्तान की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सीमा क्षेत्रों में गोलाबारी और नागरिक हताहत
अफगान मीडिया रिपोर्टों के अनुसार डूरंड लाइन के पास स्थित खोस्त प्रांत के अलीशेर-तेरेजई जिले में पाकिस्तानी सेना की ओर से भारी तोपखाने का इस्तेमाल किया गया। स्थानीय रिपोर्टों में बताया गया कि इस गोलाबारी की चपेट में आने से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा गया कि हमले के बाद इलाके में काफी नुकसान हुआ है और लोग भय के माहौल में रह रहे हैं। सीमा के आसपास बसे गांवों में रहने वाले नागरिकों को सबसे ज्यादा जोखिम का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि झड़पें अक्सर आबादी वाले इलाकों के करीब हो रही हैं।
फरवरी से बढ़ा सीमा विवाद
पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। फरवरी में सीमा पर झड़पों की घटनाएं काफी तेज हो गई थीं। उसी दौरान पाकिस्तान ने काबुल सहित अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए थे। इन हमलों के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा था कि स्थिति अब खुली जंग जैसी बन चुकी है।
पाकिस्तानी नेतृत्व का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद कुछ सशस्त्र समूह पाकिस्तान के खिलाफ गतिविधियां चला रहे हैं। उनके अनुसार पाकिस्तान लंबे समय से इन समूहों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है और अब देश की सुरक्षा के लिए कठोर कदम उठाना जरूरी हो गया है।
अफगानिस्तान का जवाबी दावा
दूसरी ओर अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी प्रतिक्रिया भी दी है। मंत्रालय का कहना है कि 26 फरवरी को डूरंड लाइन पर हुई झड़पों के दौरान अफगान बलों ने जवाबी कार्रवाई की थी, जिसमें कई पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। अफगान पक्ष ने यह भी कहा कि सीमा पर कार्रवाई उनके क्षेत्रीय अधिकारों की रक्षा के लिए की गई थी।
विश्लेषकों का मानना है कि 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के संबंध पहले की तुलना में अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं। ऐतिहासिक रूप से विवादित डूरंड लाइन दोनों देशों के बीच लंबे समय से मतभेद का कारण रही है।
टीटीपी और अन्य संगठनों को लेकर विवाद
पाकिस्तान का मुख्य आरोप यह है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे संगठनों द्वारा किया जा रहा है। पाकिस्तान का कहना है कि ये समूह सीमा पार से हमले करते हैं और फिर अफगान क्षेत्र में लौट जाते हैं। हालांकि अफगान तालिबान इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
जानकारी के अनुसार टीटीपी का गठन 2007 में हुआ था। यह संगठन अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन दोनों के बीच वैचारिक और सामाजिक स्तर पर कुछ समानताएं बताई जाती हैं। हाल के वर्षों में टीटीपी और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी जैसे समूहों की गतिविधियां पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में बढ़ी हैं।
भारत ने जताई चिंता
इन घटनाओं पर भारत ने भी प्रतिक्रिया दी है। भारत ने अफगान क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों की आलोचना करते हुए निर्दोष नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विशेष रूप से रमजान के पवित्र महीने में महिलाओं और बच्चों सहित आम लोगों के हताहत होने को लेकर भारत ने गंभीर चिंता जताई है।
भारत ने साथ ही यह भी दोहराया कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा पर बढ़ता यह तनाव पूरे क्षेत्र की स्थिरता के लिए चिंता का विषय बन सकता है।