ObesityRisk – मोटापा बढ़ा सकता है कई तरह के कैंसर का खतरा
ObesityRisk – आज की बदलती जीवनशैली में मोटापा तेजी से एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है। खराब खानपान, कम शारीरिक गतिविधि, नींद की कमी और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बिताया जाने वाला समय लोगों को कई बीमारियों की ओर धकेल रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ता वजन केवल शरीर की बनावट तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर रोगों के खतरे को भी बढ़ा सकता है।

स्वास्थ्य शोधों में पहले ही मोटापे को डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हृदय रोगों से जोड़ा जा चुका है। अब हालिया अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि अधिक वजन और मोटापा कई प्रकार के कैंसर के जोखिम को भी बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में अतिरिक्त चर्बी हार्मोनल बदलाव, सूजन और मेटाबॉलिज्म में गड़बड़ी पैदा कर सकती है, जो कैंसर के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाती हैं।
अध्ययन में सामने आए अहम निष्कर्ष
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से जुड़े विशेषज्ञों द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि मोटापा कम से कम 13 प्रकार के कैंसर से जुड़ा हो सकता है। शोधकर्ताओं ने हजारों मरीजों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और पुराने बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई डेटा का विश्लेषण किया।
अध्ययन में यह भी सामने आया कि कुछ कैंसर के मामलों में इलाज शुरू होने के समय मरीजों में मोटापा अधिक सामान्य पाया गया। इनमें स्तन कैंसर, गर्भाशय कैंसर और कुछ त्वचा संबंधी कैंसर शामिल रहे। वहीं कुछ अन्य कैंसरों में बीमारी के कारण वजन तेजी से घटने की वजह से मोटापे की दर अपेक्षाकृत कम दिखाई दी।
विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि केवल मौजूदा वजन ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के पिछले स्वास्थ्य और मोटापे के इतिहास पर भी ध्यान देना जरूरी है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, लंबे समय तक अधिक वजन की स्थिति शरीर के कई सिस्टम को प्रभावित कर सकती है, जिससे कैंसर के विकसित होने की संभावना बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों ने यह भी स्पष्ट किया कि हर मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति को कैंसर होगा, ऐसा जरूरी नहीं है। हालांकि मोटापा अन्य जोखिम कारकों के साथ मिलकर खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए समय रहते वजन नियंत्रित रखना स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किन कैंसरों से जुड़ा पाया गया मोटापा
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य एजेंसियों के अनुसार, मोटापा कई गंभीर कैंसरों से संबंध रख सकता है। इनमें आंत, किडनी, लिवर, स्तन, गर्भाशय, ओवरी, पेट और थायरॉइड कैंसर जैसे रोग शामिल बताए गए हैं। इसके अलावा भोजन नली, अग्नाशय और पित्ताशय से जुड़े कैंसर में भी अधिक वजन को एक जोखिम कारक माना गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शरीर में बढ़ती सूजन और हार्मोनल असंतुलन कैंसर कोशिकाओं के विकास को प्रभावित कर सकते हैं। यही कारण है कि वजन नियंत्रण को कैंसर रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
स्वस्थ जीवनशैली को माना गया जरूरी
डॉक्टरों के अनुसार, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और सक्रिय दिनचर्या अपनाकर मोटापे के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लोगों को प्रोसेस्ड फूड और अत्यधिक शर्करा वाले खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह देते हैं।
उनका कहना है कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और वजन पर नियंत्रण रखने से भविष्य में गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है। बढ़ते मोटापे को लेकर जागरूकता और सही जीवनशैली अपनाना आज की जरूरत बनता जा रहा है।