CounterTerrorism – फिलीपींस में हुई बड़ी मुठभेड़, 10 उग्रवादी ढेर, हथियार बरामद
CounterTerrorism – फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से में सुरक्षा बलों ने एक बड़े अभियान के दौरान 10 संदिग्ध उग्रवादियों को मार गिराया है। यह इस वर्ष अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। लंबे समय से अशांत रहे इस इलाके में हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर वहां सक्रिय छोटे उग्रवादी गुटों की मौजूदगी को उजागर किया है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे ऑपरेशन को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए अतिरिक्त बल भी तैनात किए गए थे।

गिरफ्तारी अभियान के दौरान अचानक शुरू हुई फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, सेना और पुलिस की संयुक्त टीम एक गांव में छिपे एक वांछित उग्रवादी कमांडर को पकड़ने के लिए पहुंची थी। जैसे ही सुरक्षा बलों ने घेराबंदी की, वहां मौजूद उग्रवादियों ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक तेज मुठभेड़ चली। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने कमांडर अमेरोल मंगोरांका सहित कुल 10 उग्रवादियों को मार गिराया। इनमें चार महिलाएं भी शामिल बताई जा रही हैं।
सुरक्षाबलों को नहीं हुआ कोई नुकसान
इस पूरे ऑपरेशन की खास बात यह रही कि सुरक्षा बलों को किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ। अधिकारियों ने इसे रणनीतिक सफलता बताते हुए कहा कि पूरी कार्रवाई बेहद सतर्कता के साथ की गई। मुठभेड़ के बाद इलाके को घेरकर तलाशी अभियान भी चलाया गया, ताकि किसी अन्य संदिग्ध की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।
हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद
घटनास्थल से सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इनमें चार राइफल, एक पिस्टल, एक ग्रेनेड और बम बनाने से जुड़े उपकरण शामिल हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि उग्रवादी किसी बड़ी साजिश की तैयारी में थे। बरामद सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है, ताकि नेटवर्क के अन्य पहलुओं का पता लगाया जा सके।
घटनास्थल से मिला एक शिशु
मुठभेड़ के बाद तलाशी के दौरान एक शिशु भी मिला, जिसे तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए भेजा गया। अधिकारियों ने फिलहाल बच्चे की पहचान और उसके संबंध में अधिक जानकारी साझा नहीं की है। इस घटना ने पूरे ऑपरेशन को मानवीय दृष्टिकोण से भी संवेदनशील बना दिया है।
पुराने हमलों में शामिल रहा था गिरोह
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मारे गए उग्रवादी पहले भी कई हमलों में शामिल रहे थे। विशेष रूप से जनवरी में हुए एक घातक हमले में चार सैनिकों की मौत के पीछे इसी समूह का हाथ बताया गया था। इस वजह से यह अभियान सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी अहम माना जा रहा था।
दशकों से जारी है अलगाववादी हिंसा
फिलीपींस के दक्षिणी क्षेत्र में लंबे समय से अलगाववादी गतिविधियां होती रही हैं। हालांकि, वर्ष 2014 में हुए एक बड़े शांति समझौते के बाद हालात में कुछ सुधार जरूर आया था। इसके बावजूद कई छोटे गुट इस समझौते का हिस्सा नहीं बने और समय-समय पर हिंसक घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। यही कारण है कि सुरक्षा बलों को लगातार सतर्क रहना पड़ता है।
कार्रवाई को बताया गया बड़ी सफलता
सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को आतंकवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र में शांति स्थापित करने के प्रयासों को बल मिलेगा। हालांकि, सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक सभी छोटे उग्रवादी समूहों पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जाता, तब तक इस इलाके में खतरा बना रह सकता है।