स्वास्थ्य

Acidity Medicine – गैस और एसिडिटी की दवाओं पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता

Acidity Medicine – गैस, एसिडिटी और सीने में जलन जैसी समस्याएं आज बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित कर रही हैं। अनियमित खान-पान, देर रात भोजन करना, तला-भुना खाना और शारीरिक गतिविधियों में कमी इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। ऐसे में कई लोग तुरंत राहत पाने के लिए मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदकर उनका सेवन करने लगते हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर गंभीर असर डाल सकता है।

लंबे समय तक दवा लेने पर बढ़ सकती हैं समस्याएं

विशेषज्ञों के अनुसार एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स के इलाज में उपयोग की जाने वाली कुछ दवाओं का लगातार सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। हाल के वर्षों में कई शोधों में यह संकेत मिला है कि कुछ दवाएं किडनी और लिवर से जुड़ी जटिलताओं की आशंका बढ़ा सकती हैं। यही कारण है कि चिकित्सक बिना सलाह के लंबे समय तक इनका उपयोग करने से बचने की सलाह देते हैं।

शोध में सामने आए किडनी से जुड़े खतरे

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से Proton Pump Inhibitors (PPIs) नामक दवाओं के समूह को लेकर चिंता व्यक्त की है। ये दवाएं हार्टबर्न, एसिड रिफ्लक्स और Gastroesophageal Reflux Disease (GERD) जैसी स्थितियों में व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाती हैं। कई देशों में ये सबसे अधिक लिखी जाने वाली दवाओं में शामिल हैं।

University of California, San Diego के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए विश्लेषण में पाया गया कि लंबे समय तक PPIs का उपयोग करने वाले लोगों में किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा अपेक्षाकृत अधिक देखा गया। अध्ययन में उन मरीजों के आंकड़ों का मूल्यांकन किया गया जो केवल PPIs ले रहे थे और किसी अन्य दवा का उपयोग नहीं कर रहे थे।

हजारों मरीजों के आंकड़ों का किया गया विश्लेषण

अध्ययन के दौरान लगभग 43 हजार ऐसे मरीजों को शामिल किया गया जो केवल PPIs दवाओं का सेवन कर रहे थे। दूसरी ओर करीब 8 हजार मरीजों का एक अलग समूह बनाया गया, जो केवल H2 Receptor Blockers का उपयोग कर रहे थे। दोनों समूहों में किडनी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं की तुलना की गई।

विश्लेषण में सामने आया कि PPIs लेने वाले मरीजों में गंभीर किडनी संबंधी समस्याएं अधिक दर्ज की गईं। शोधकर्ताओं के अनुसार, Chronic Kidney Disease, Acute Kidney Injury और End-Stage Renal Disease जैसी स्थितियों का जोखिम इस समूह में उल्लेखनीय रूप से ज्यादा पाया गया।

इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन की आशंका भी बढ़ी

शोध रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि PPIs का लंबे समय तक सेवन करने वाले लोगों में शरीर के जरूरी खनिज तत्वों का संतुलन प्रभावित हो सकता है। सोडियम, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर में गड़बड़ी कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी स्थितियां विशेष रूप से बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।

लिवर स्वास्थ्य को लेकर भी सामने आ चुकी हैं चिंताएं

किडनी के अलावा कुछ पुराने अध्ययनों में लिवर पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों का भी उल्लेख किया गया है। वर्ष 2017 में प्रकाशित एक शोध में संकेत मिले थे कि PPIs का लगातार उपयोग Chronic Liver Disease के जोखिम को बढ़ा सकता है। हालांकि इस विषय पर अभी और विस्तृत शोध की आवश्यकता बताई जाती है।

डॉक्टर की सलाह के बिना दवा न लें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार कई मरीजों के लिए ये दवाएं आवश्यक हो सकती हैं और चिकित्सकीय निगरानी में इनका उपयोग सुरक्षित माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या तब उत्पन्न होती है जब लोग लंबे समय तक स्वयं दवा लेते रहते हैं और नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं कराते।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि गैस, एसिडिटी या सीने में जलन की समस्या लगातार बनी रहती है तो केवल दवा पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली भी इन समस्याओं को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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