EducationReform – नीट विवाद के बीच छात्र आंदोलन को कलाकारों का मिला खुला समर्थन
EducationReform – नीट परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक मामले के बाद शुरू हुई छात्रों की नाराजगी अब देशभर में व्यापक चर्चा का विषय बन चुकी है। सोशल मीडिया पर उठी आवाज अब सड़कों तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन को कई फिल्मी हस्तियों का भी समर्थन मिल रहा है। कुछ कलाकार प्रदर्शन में शामिल होकर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं, जबकि कई सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों के पक्ष में अपनी बात रख रहे हैं।

राजकुमार राव ने संवाद और संवेदनशीलता पर दिया जोर
अभिनेता राजकुमार राव ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक संदेश साझा करते हुए युवाओं की बात गंभीरता से सुनने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने लिखा कि जब विद्यार्थियों को यह महसूस होने लगे कि उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही है, तब समाज और संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उनके अनुसार हर व्यक्ति की बात सम्मान और निष्पक्षता के साथ सुनी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी परिस्थिति में शांति सबसे बड़ी शक्ति होती है और हिंसा केवल समस्याओं को और जटिल बना देती है। अभिनेता ने मौजूदा समय को संवाद, समझ और संवेदना का समय बताया।
निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था को बताया विकास की बुनियाद
अपने संदेश में राजकुमार राव ने आगे कहा कि विद्यार्थियों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से भी अपील की कि वे संवेदनशीलता और खुले मन से छात्रों की बात सुनें। उनके मुताबिक स्थायी समाधान केवल बातचीत और आपसी विश्वास से ही संभव है, टकराव से नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की प्रगति का सबसे मजबूत आधार एक निष्पक्ष और भरोसेमंद शिक्षा व्यवस्था है। पोस्ट के अंत में उन्होंने देशहित और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बनाए रखने की बात कही।
रत्ना पाठक शाह ने शिक्षा सुधार की मांग का समर्थन किया
वरिष्ठ अभिनेत्री रत्ना पाठक शाह ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे युवाओं के प्रति समर्थन व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने महाभारत के पात्र एकलव्य का उल्लेख करते हुए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े नैतिक प्रश्न उठाए। उन्होंने संकेत दिया कि किसी भी छात्र के भविष्य के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और शिक्षा प्रणाली का उद्देश्य अवसर देना होना चाहिए, उन्हें सीमित करना नहीं।
अमोल पाराशर ने आंदोलन से जुड़ा अनुभव साझा किया
अभिनेता अमोल पाराशर ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित ‘चलो संसद’ प्रदर्शन का हिस्सा बने थे। अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने लिखा कि उस दिन की घटनाएं उनके लिए लंबे समय तक यादगार रहेंगी। उनके इस संदेश को भी सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली और कई लोगों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग का समर्थन किया।
छात्र आंदोलन पर लगातार बढ़ रही सार्वजनिक भागीदारी
नीट परीक्षा विवाद के बाद शुरू हुआ यह आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग को लेकर समाज के विभिन्न वर्ग अपनी राय सामने रख रहे हैं। फिल्म जगत की कई हस्तियों द्वारा दिए गए समर्थन ने इस मुद्दे को और व्यापक चर्चा का विषय बना दिया है। फिलहाल प्रदर्शन जारी हैं और छात्र अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाने पर जोर दे रहे हैं, जबकि सभी की निगाहें संबंधित अधिकारियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।