CopyrightDispute – फिल्मी गीतों के अधिकारों को लेकर हाईकोर्ट पहुंचा विवाद
CopyrightDispute – फिल्म निर्माण कंपनी पूजा एंटरटेनमेंट और संगीत कंपनी टिप्स इंडस्ट्रीज के बीच अधिकारों को लेकर चल रहा विवाद अब न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच गया है। निर्माता वाशु भगनानी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए टिप्स इंडस्ट्रीज के प्रमुख रमेश तौरानी, कुमार तौरानी और फिल्म निर्देशक डेविड धवन के खिलाफ 400 करोड़ रुपये का दावा पेश किया है। मामला कुछ चर्चित फिल्मी गीतों के उपयोग और उनसे जुड़े अधिकारों को लेकर सामने आया है।

पुराने गीतों के इस्तेमाल पर उठे सवाल
विवाद का केंद्र उन लोकप्रिय गीतों को बताया जा रहा है जो पहले वाशु भगनानी के बैनर तले बनी फिल्म में शामिल थे। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन गीतों का उपयोग हाल ही में रिलीज हुई फिल्म “है जवानी तो इश्क होना है” में आवश्यक अनुमति के बिना किया गया। निर्माता पक्ष का कहना है कि संबंधित गीतों के उपयोग को लेकर अधिकारों की स्थिति स्पष्ट नहीं है और इसी वजह से अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है।
ऑडियो और विजुअल अधिकारों पर मतभेद
मामले से जुड़े कानूनी पक्ष के अनुसार विवाद मुख्य रूप से ऑडियो और विजुअल अधिकारों की व्याख्या को लेकर है। वाशु भगनानी की ओर से पेश किए गए तर्क में कहा गया है कि पूर्व में हुए समझौतों के तहत केवल ऑडियो अधिकार दिए गए थे, जबकि अन्य अधिकारों को लेकर कोई स्पष्ट सहमति नहीं बनी थी। इसी आधार पर यह दावा किया जा रहा है कि संबंधित सामग्री के उपयोग से पहले आवश्यक स्वीकृति ली जानी चाहिए थी।
निर्माता पक्ष ने रखी अपनी दलील
मीडिया से बातचीत में निर्माता पक्ष के वकील ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच अधिकारों को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी, लेकिन कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका। उनका कहना है कि यदि किसी पक्ष के पास संबंधित अधिकारों का वैध स्वामित्व है, तो उसके समर्थन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने चाहिए। इसी उद्देश्य से अदालत में विस्तृत याचिका दाखिल की गई है।
फिल्म और प्रचार सामग्री में बदलाव की मांग
याचिका में केवल आर्थिक दावे ही नहीं किए गए हैं, बल्कि कुछ अन्य मांगें भी रखी गई हैं। पूजा एंटरटेनमेंट ने अदालत से अनुरोध किया है कि विवादित गीतों को फिल्म और उससे जुड़े प्रचार माध्यमों से हटाने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही फिल्म के शीर्षक को लेकर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है और उसमें बदलाव की मांग की गई है।
अतिरिक्त हर्जाने का दावा भी शामिल
कंपनी ने मुख्य दावे के अलावा 100 करोड़ रुपये के अतिरिक्त हर्जाने की मांग भी की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बौद्धिक संपदा से जुड़े अधिकारों का उपयोग उचित अनुमति और कानूनी प्रक्रिया के बिना किया गया। हालांकि मामले में अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही होगा।
अदालत की कार्यवाही पर टिकी नजरें
मनोरंजन जगत में यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें फिल्म निर्माण, संगीत अधिकार और बौद्धिक संपदा से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल हैं। अब सभी पक्षों की दलीलें अदालत के समक्ष रखी जाएंगी, जिसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी। फिलहाल उद्योग जगत की निगाहें इस मामले की सुनवाई और संभावित फैसले पर टिकी हुई हैं।