StockMarket – वैश्विक संकेतों से बाजार मजबूत, बढ़ा निवेशकों का भरोसा
StockMarket – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के चलते भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह मजबूती के साथ कारोबार किया। निवेशकों का भरोसा बढ़ने से बाजार में लगातार खरीदारी का माहौल बना रहा। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत से भी वैश्विक अनिश्चितता कुछ कम होती दिखी, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ा।

सप्ताह के अंतिम दिन दिखी मजबूत बढ़त
शुक्रवार को कारोबार के अंत में प्रमुख सूचकांकों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। बीएसई सेंसेक्स 504.86 अंकों की बढ़त के साथ 78,493.54 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 भी 156.80 अंक चढ़कर 24,353.55 के स्तर पर पहुंच गया। दिनभर बाजार में सकारात्मक रुख बना रहा और निवेशकों ने कई सेक्टरों में सक्रियता दिखाई।
पूरे सप्ताह बाजार का रुख रहा सकारात्मक
विशेषज्ञों के अनुसार, पूरे सप्ताह बाजार में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला। अलग-अलग सेक्टरों में निवेशकों की रुचि बनी रही, खासकर उपभोक्ता वस्तु, धातु और तेल-गैस से जुड़े शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। इन क्षेत्रों में लगभग एक से तीन प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन देखने को मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बेहतर प्रदर्शन
बाजार में इस बार मझोले और छोटे शेयरों ने बड़ी कंपनियों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। मिडकैप सूचकांक में करीब 1.27 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक में लगभग 1.48 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक अब जोखिम लेने के लिए तैयार हो रहे हैं और विविध क्षेत्रों में निवेश कर रहे हैं।
विशेषज्ञों ने जताई सतर्क आशावाद की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस सप्ताह बाजार में स्थिर सुधार का संकेत मिला है। गिरावट के दौरान भी खरीदारी जारी रहना निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है। हालांकि अभी बाजार किसी बड़े उछाल की स्थिति में नहीं है, लेकिन मौजूदा रुझान यह दिखाता है कि धीरे-धीरे सकारात्मक माहौल बन रहा है।
विदेशी निवेशकों का बदला रुख
विदेशी संस्थागत निवेशकों के व्यवहार में भी बदलाव देखने को मिला। सप्ताह के शुरुआती दिनों में बिकवाली के बाद उन्होंने अंत के सत्रों में खरीदारी शुरू की, जिससे बाजार को सहारा मिला। हालांकि कुल मिलाकर सप्ताह में हल्की निकासी दर्ज की गई। दूसरी ओर, घरेलू निवेशकों ने मुनाफावसूली करते हुए कुछ हिस्सों में निवेश घटाया।
बाजार में संतुलित स्थिति बनी हुई
इसके बावजूद बाजार में स्थिरता बनी हुई है और घरेलू निवेशकों की भूमिका अभी भी मजबूत बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकेतों में सुधार, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और निवेशकों की सतर्क रणनीति के चलते बाजार में संतुलन बना हुआ है। फिलहाल बाजार में जोखिम सीमित नजर आ रहा है, जबकि आगे बढ़त की संभावना धीरे-धीरे मजबूत हो रही है।