SamratChaudhary – मुख्यमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी से मिलने दिल्ली पहुंचे सम्राट चौधरी
SamratChaudhary – बिहार के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के महज छह दिन बाद सम्राट चौधरी दिल्ली पहुंचे हैं। राजधानी के एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात बताया जा रहा है। व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद प्रधानमंत्री ने उन्हें मिलने का समय दिया है, जिससे इस मुलाकात को राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

पीएम से मुलाकात के पीछे अहम वजह
सूत्रों के मुताबिक, सम्राट चौधरी की यह यात्रा केवल औपचारिक मुलाकात तक सीमित नहीं है। माना जा रहा है कि राज्य से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों और आगे की राजनीतिक रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है। खासतौर पर विधानसभा चुनाव और संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि आधिकारिक तौर पर मुलाकात के एजेंडे की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
मंत्रिमंडल विस्तार पर चल रही चर्चा
बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ी फाइल फिलहाल पार्टी नेतृत्व के पास विचाराधीन है। एनडीए के अन्य सहयोगी दलों में मंत्री पद को लेकर कोई बड़ा मतभेद नहीं बताया जा रहा है। जनता दल यूनाइटेड की ओर से अपने कोटे के संभावित मंत्रियों की सूची पहले ही सौंपी जा चुकी है।
सहयोगी दलों में सहमति, भाजपा में विचार-विमर्श
सूत्र बताते हैं कि चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के दलों से जुड़े ज्यादातर मंत्री पहले की तरह दोबारा शामिल हो सकते हैं। वहीं भाजपा के भीतर कुछ नामों को लेकर अभी भी चर्चा जारी है। खासतौर पर वरिष्ठ नेता और दो बार उपमुख्यमंत्री रह चुके विजय सिन्हा की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। इसी कारण यह मामला फिलहाल शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर ही विचाराधीन है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद बढ़ी सक्रियता
15 अप्रैल को पद संभालने के बाद से ही सम्राट चौधरी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने जनता दरबार आयोजित कर आम लोगों की समस्याएं भी सुनीं। सरकार की प्राथमिकताओं को लेकर उनकी सक्रियता साफ दिखाई दे रही है।
राजनीतिक कार्यक्रमों में भी दिखी भागीदारी
मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने राजनीतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेना जारी रखा है। 20 अप्रैल को वह महिला मोर्चा द्वारा आयोजित आक्रोश मार्च में शामिल हुए, जहां उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधा। इससे संकेत मिलते हैं कि वह प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ राजनीतिक मोर्चे पर भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।