RailwaySafety – राजधानी एक्सप्रेस के सामने ट्रैक पर मिली पानी की टंकी, तेज हुई जांच
RailwaySafety- बिहार के छपरा-बलिया रेलखंड पर राजधानी एक्सप्रेस के साथ एक गंभीर घटना सामने आई, जहां रेलवे ट्रैक पर रखी गई पानी की टंकी से ट्रेन का इंजन टकरा गया। समय रहते लोको पायलट द्वारा उठाए गए कदम और रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद ट्रेन को कुछ समय के लिए रोकना पड़ा और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

इंजन में फंसी टंकी हटाने में लगा करीब डेढ़ घंटा
टक्कर के बाद पानी की टंकी इंजन के अगले हिस्से में इस तरह फंस गई कि ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकी। रेलवे की तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने काफी प्रयास के बाद टंकी को काटकर इंजन से अलग किया। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग डेढ़ घंटे का समय लगा। इसके बाद आवश्यक सुरक्षा जांच पूरी कर ट्रेन को आगे के सफर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान रेल परिचालन भी कुछ समय तक प्रभावित रहा।
स्टेशन पार करते ही सामने आया अवरोध
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना गौतम स्थान रेलवे स्टेशन के पश्चिमी रेलवे फाटक के आगे विजय राय के टोला के पास हुई। बताया जा रहा है कि एक मकान की छत पर रखी नीले रंग की सिंटेक्स पानी की टंकी को अज्ञात लोगों ने नीचे उतारकर मुख्य रेलवे लाइन पर रख दिया था। राजधानी एक्सप्रेस रात करीब 1:41 बजे छपरा जंक्शन से रवाना हुई थी। स्टेशन पार करने के बाद लोको पायलट की नजर ट्रैक पर रखी टंकी पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाए, लेकिन ट्रेन की रफ्तार अधिक होने के कारण इंजन टंकी से टकरा गया और कुछ दूरी आगे जाकर रुक गया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचीं सुरक्षा एजेंसियां
घटना के तुरंत बाद लोको पायलट ने स्टेशन मास्टर को जानकारी दी, जिसके बाद रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया। आरपीएफ, जीआरपी, स्थानीय पुलिस और रेलवे अधिकारियों की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। तकनीकी कर्मचारियों ने इंजन में फंसी टंकी को हटाने का काम शुरू किया, जबकि सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया, जिसने आसपास के क्षेत्र की जांच की। साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगालने और स्थानीय लोगों से पूछताछ की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पानी की टंकी ट्रैक तक कैसे पहुंची, जांच का अहम सवाल
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार जिस मकान की छत से टंकी हटाई गई, उस समय वहां परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। स्थानीय लोगों के मुताबिक मकान मालिक का परिवार फिलहाल छपरा शहर में रहता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि टंकी को ट्रैक पर रखने के पीछे किसी शरारती तत्व की भूमिका थी या फिर इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुराने रेल हादसे की यादें हुईं ताजा
इस घटना ने वर्ष 2014 में छपरा के पास हुए राजधानी एक्सप्रेस हादसे की याद भी ताजा कर दी। उस दुर्घटना में दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस की कई बोगियां पटरी से उतर गई थीं, जिसमें यात्रियों की जान गई थी और कई लोग घायल हुए थे। मौजूदा मामले में हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि लोको पायलट की सतर्कता और मौके पर त्वरित कार्रवाई के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया। अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच पर सभी की नजर है कि ट्रैक पर पानी की टंकी रखने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।