MobViolence – राजगीर में दो युवकों की पिटाई के बाद हुई मौत
MobViolence – नालंदा जिले के राजगीर क्षेत्र से एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां चोरी के संदेह में पकड़े गए दो युवकों की कथित तौर पर भीड़ द्वारा पिटाई किए जाने के बाद मौत हो गई। घटना झुनकिया बाबा मंदिर के पास सोमवार तड़के हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। मामले के बाद इलाके में शोक और तनाव का माहौल है।

इलाज के दौरान दोनों युवकों ने तोड़ा दम
पुलिस के अनुसार, घायल युवकों को पहले राजगीर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया था। वहां उनकी स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। उपचार के दौरान दोनों की मृत्यु हो गई।
मृतकों की पहचान दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर गांव निवासी 24 वर्षीय पिंटू पासवान और 18 वर्षीय श्रवण पासवान के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में मातम छा गया।
मेला घूमने आए थे दोनों युवक
परिवार के सदस्यों के मुताबिक, दोनों युवक रविवार को अपने कुछ साथियों के साथ राजगीर क्षेत्र में आयोजित मेले में शामिल होने गए थे। देर रात उन्हें लेकर सूचना मिली कि मंदिर के समीप चोरी के आरोप में कुछ लोगों ने उन्हें पकड़ रखा है और उनके साथ मारपीट की जा रही है।
परिजनों का कहना है कि जब तक वे स्थिति को समझ पाते, तब तक पुलिस दोनों युवकों को अस्पताल ले जा चुकी थी। परिवार का आरोप है कि घटना ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया है।
परिवार पर टूटा संकट
मृतक पिंटू पासवान राजमिस्त्री के रूप में काम करता था और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। परिजनों के अनुसार, वह घर का प्रमुख कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत से परिवार को बड़ा झटका लगा है।
श्रवण पासवान के परिजन भी घटना से स्तब्ध हैं। स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा बनी हुई है और परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
पुलिस को सुबह मिली थी सूचना
राजगीर के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे सूचना मिली थी कि दो लोगों को कथित चोरी के आरोप में स्थानीय लोगों ने पकड़ रखा है। सूचना मिलते ही गश्ती दल मौके पर पहुंचा।
पुलिस ने दोनों युवकों को भीड़ से मुक्त कराया और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक प्राथमिकता घायलों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना था, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। यदि किसी पर किसी अपराध का संदेह हो तो इसकी सूचना पुलिस को दी जानी चाहिए, न कि स्वयं दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ने एक बार फिर भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और मामले से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।