बिहार

FuelSaving – पेट्रोल-डीजल बचत संदेश के बीच पैदल पहुंचे मुख्यमंत्री

FuelSaving – देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को अपने सरकारी आवास से मुख्यमंत्री सचिवालय तक पैदल पहुंचे। मुख्यमंत्री के इस कदम की चर्चा पूरे दिन राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में होती रही। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इसका वीडियो साझा करते हुए बताया कि यह कदम ईंधन बचत और सार्वजनिक जागरूकता के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर भी ईंधन की बचत का संदेश देने का प्रयास किया है। उनके इस कदम को सरकार की नई अपील और ऊर्जा संरक्षण अभियान से जोड़कर देखा जा रहा है।

मंत्रियों ने भी अपनाया अलग तरीका

मुख्यमंत्री के साथ-साथ राज्य सरकार के अन्य मंत्रियों ने भी अलग-अलग माध्यमों से कार्यालय पहुंचकर संदेश देने की कोशिश की। मंत्री दीपक प्रकाश पैदल कार्यालय पहुंचे, जबकि शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ई-रिक्शा का उपयोग करते नजर आए।

सरकार के इस कदम को आम लोगों के बीच सार्वजनिक परिवहन और ईंधन बचत को बढ़ावा देने की पहल माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों और वीडियो को बड़ी संख्या में साझा किया गया।

सरकार ने जारी किए थे दिशा-निर्देश

कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के लोगों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने सरकारी कार्यक्रमों और प्रशासनिक गतिविधियों में वाहनों के सीमित उपयोग पर जोर दिया था।

मुख्यमंत्री ने कहा था कि मुख्यमंत्री कारकेड में वाहनों की संख्या कम की जाएगी। इसके अलावा मंत्रियों, बोर्ड और निगमों के पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों से भी अतिरिक्त वाहनों का उपयोग कम करने को कहा गया था।

सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की पहल

राज्य सरकार ने लोगों से मेट्रो, बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का अधिक इस्तेमाल करने का आग्रह किया है। प्रशासनिक विभागों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अनावश्यक यात्रा और ईंधन की खपत कम हो सके।

सरकार का मानना है कि छोटे-छोटे बदलावों के जरिए बड़े स्तर पर ईंधन बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से सरकारी कार्यालयों और विभागों में ऊर्जा संरक्षण से जुड़े उपायों को लागू करने की बात कही गई है।

‘नो व्हीकल डे’ पर भी दिया गया जोर

मुख्यमंत्री ने सप्ताह में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की अपील भी की है। उनका कहना है कि इससे लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

इसके साथ ही सरकारी और निजी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देने की सलाह दी गई है। सरकार ने कैंटीनों में पाम ऑयल के सीमित उपयोग जैसे कदमों पर भी ध्यान देने को कहा है।

राज्य सरकार के अनुसार, मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ती ईंधन लागत को देखते हुए ऊर्जा बचत अब केवल आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी बन गई है।

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