DoctorsStrike – ओपीडी बहिष्कार के बीच सारण प्रशासन अलर्ट, स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष निगरानी
DoctorsStrike – राज्यभर में चिकित्सकों द्वारा ओपीडी सेवाओं के प्रस्तावित बहिष्कार को देखते हुए सारण जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। 22 जुलाई को होने वाले इस बहिष्कार के मद्देनजर जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों को इलाज के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो और आवश्यक चिकित्सा सेवाएं बिना रुकावट जारी रहें।

स्वास्थ्य विभाग को जारी किए गए निर्देश
जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी-सह-सिविल सर्जन को सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में कहा गया है कि बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ की ओर से जारी सूचना के मद्देनजर जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक कदम उठाए जाएं। साथ ही अस्पतालों में सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए समुचित तैयारी रखने को कहा गया है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया है।
प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय पर जोर
स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए जिला प्रशासन ने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने की पहल की है। जिलाधिकारी के निर्देश की प्रतिलिपि जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक और सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को भी भेजी गई है। अधिकारियों से कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें, ताकि अस्पतालों में व्यवस्था सामान्य बनी रहे और मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
चिकित्सकों के विरोध की वजह
बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ ने अरवल सदर अस्पताल में सिविल सर्जन के साथ हुई हिंसक घटना और कथित दुर्व्यवहार के विरोध में राज्यभर में ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया है। संघ का कहना है कि घटना के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अब तक अपेक्षित कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई है। इसी कारण चिकित्सकों में असंतोष और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसके चलते यह सामूहिक विरोध दर्ज कराया जा रहा है।
आपातकालीन सेवाएं रहेंगी जारी
संघ के अध्यक्ष डॉ. कैप्टन संजीव कुमार झा और महासचिव डॉ. रोहित कुमार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की मांग लंबे समय से की जा रही थी। अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर ओपीडी सेवाओं के बहिष्कार का निर्णय लिया गया। हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया है कि इमरजेंसी और अन्य जीवनरक्षक चिकित्सा सेवाएं पहले की तरह संचालित होती रहेंगी, ताकि गंभीर मरीजों के उपचार पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
लोगों से संयम बनाए रखने की अपील
सारण जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक घबराहट से बचें। प्रशासन का कहना है कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। अस्पतालों की स्थिति पर वरिष्ठ अधिकारी नजर बनाए हुए हैं और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।