CyberFraud – जज बनकर ठगों ने ट्रांसपोर्टर से ठगे 20 लाख रुपये
CyberFraud – बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने इस बार खुद को उच्च न्यायालय का जज बताकर एक ट्रांसपोर्टर को निशाना बनाया। शातिरों ने विश्वास जीतने के बाद करीब 20 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया। घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग सक्रिय हो गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह मामला एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।

अधिकारी के जरिए बनाया संपर्क का रास्ता
जानकारी के अनुसार, ठग ने सबसे पहले एक परिवहन अधिकारी से संपर्क साधा। उसने खुद को पटना हाई कोर्ट का न्यायाधीश बताते हुए जिले में किसी भरोसेमंद ट्रांसपोर्टर का नंबर मांगा। कॉल करने वाले की पहचान और पद को सही मानते हुए अधिकारी ने बिना ज्यादा संदेह किए एक स्थानीय ट्रांसपोर्टर का संपर्क नंबर साझा कर दिया। यहीं से पूरी ठगी की शुरुआत हुई।
जज बनकर हासिल किया भरोसा
ट्रांसपोर्टर से संपर्क करने के बाद आरोपी ने खुद को न्यायाधीश बताते हुए बातचीत शुरू की। उसने अपनी पहचान का हवाला देकर भरोसा कायम किया और कुछ जरूरी काम के नाम पर पैसों की मांग की। आरोपी ने यह भी भरोसा दिलाया कि ली गई राशि जल्द लौटा दी जाएगी। इस तरह धीरे-धीरे उसने पीड़ित को अपने झांसे में ले लिया।
कई किश्तों में ट्रांसफर कराए रुपये
विश्वास में आने के बाद ट्रांसपोर्टर ने अलग-अलग माध्यमों से आरोपी को कुल 20 लाख रुपये भेज दिए। शुरू में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन बाद में जब पैसे लौटाने को लेकर संपर्क किया गया, तो आरोपी का फोन लगातार बंद मिलने लगा। इससे पीड़ित को संदेह हुआ और पूरे मामले की जानकारी संबंधित अधिकारी को दी गई।
मामले का खुलासा और पुलिस में शिकायत
ठगी का पता चलते ही परिवहन अधिकारी ने इस मामले में थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और संबंधित तकनीकी पहलुओं को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की पहचान करने और उसे पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से, चाहे वह खुद को कितना ही बड़ा अधिकारी क्यों न बताए, बिना पुष्टि किए आर्थिक लेन-देन न करें। ऐसे मामलों में जल्दबाजी से बचना और जानकारी की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।
बदलते तरीकों से बढ़ रही साइबर ठगी
यह घटना इस बात का संकेत है कि साइबर अपराधी लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं और लोगों के भरोसे का फायदा उठा रहे हैं। पहले जहां पुलिस या बैंक अधिकारी बनकर ठगी की घटनाएं सामने आती थीं, वहीं अब न्यायपालिका से जुड़े पदों का नाम लेकर भी अपराध किए जा रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इससे बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।