Assembly – बिहार विधानसभा में सत्ता पक्ष के विधायकों ने मंत्रियों से मांगे जवाब
Assembly – बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में इस बार एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली। विपक्ष की सीमित मौजूदगी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति के बीच कई मुद्दों पर सत्तारूढ़ गठबंधन के विधायक ही अपनी सरकार के मंत्रियों से सीधे जवाब मांगते नजर आए। सदन में स्थानीय समस्याओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को लेकर सवालों की धार इतनी तीखी रही कि कुछ मामलों में विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को भी हस्तक्षेप कर आश्वासन देना पड़ा।

जिला परिषद की दुकानों के आवंटन का मामला उठा
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक राजू तिवारी ने पूर्वी चंपारण जिला परिषद की दुकानों के आवंटन प्रक्रिया से जुड़ा मुद्दा सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि जारी की गई सूचना में दुकानों की संख्या, क्षेत्रफल, आरक्षित मूल्य और आवंटन के मानदंड स्पष्ट नहीं होने से आवेदकों के बीच भ्रम की स्थिति बनी है। विधायक ने सरकार से इस पूरी प्रक्रिया की जांच कराने, संशोधित सूचना जारी करने और भविष्य में आवंटन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्रणाली लागू करने की मांग की।
मंत्री के जवाब के बाद अध्यक्ष ने दिया भरोसा
पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने सदन को बताया कि मामले में जांच रिपोर्ट तलब की गई है और रिपोर्ट मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस पर विधायक राजू तिवारी ने कहा कि पहले भी दो बार रिपोर्ट आ चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए मंत्री से मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखने को कहा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इस बार प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने पर भी विचार किया जाएगा।
किसानों की परेशानी भी बनी चर्चा का विषय
मानसून सत्र के दौरान तेघड़ा से विधायक रजनीश कुमार ने बेगूसराय जिले के कई गांवों के किसानों की समस्या सदन में रखी। उन्होंने बताया कि गंगा नदी के पार स्थित कृषि भूमि तक पहुंचने और वहां से तैयार फसल तथा पशुचारा लाने के लिए किसानों को हर वर्ष नाव का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि इस दौरान दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और कई किसानों को जान-माल का नुकसान भी उठाना पड़ता है। ऐसे में रबी सीजन के दौरान अस्थायी पीपा पुल बनाए जाने की मांग की गई।
अगले मानसून से पहले पीपा पुल का आश्वासन
पथ निर्माण विभाग के मंत्री कुमार शैलेंद्र ने जवाब देते हुए कहा कि संबंधित क्षेत्र की स्थिति का निरीक्षण पहले ही कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि फिलहाल बरसात का मौसम होने के कारण निर्माण कार्य संभव नहीं है, लेकिन सरकार किसानों की सुविधा को लेकर गंभीर है। मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया कि यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो अगले मानसून से पहले गंगा नदी पर पीपा पुल तैयार कराने का प्रयास किया जाएगा, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों को आवाजाही में राहत मिल सके।
स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित रहा सदन
सत्र के दौरान हुई चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि कई विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर सरकार से त्वरित समाधान चाहते हैं। दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता, किसानों के लिए बेहतर संपर्क व्यवस्था और विकास कार्यों की समयबद्ध प्रगति जैसे मुद्दे सदन की कार्यवाही में प्रमुखता से उठे। विधानसभा अध्यक्ष ने भी संबंधित विभागों को जनहित से जुड़े मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।