AirportIssue – दरभंगा एयरपोर्ट पर पार्किंग संकट से उड़ानों पर पड़ा असर
AirportIssue – बिहार के दरभंगा एयरपोर्ट पर विमान पार्किंग की कमी अब एक गंभीर परिचालन समस्या के रूप में उभर रही है। सीमित संसाधनों के कारण यहां उड़ानों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और यात्रियों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। कई मौकों पर विमान को उतरने से पहले लंबे समय तक हवा में चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे यात्रियों के बीच असहजता और फ्लाइट डायवर्ट होने की आशंका बढ़ जाती है।

आधे घंटे तक हवा में रहा विमान
सोमवार को सामने आए एक मामले में मुंबई से दरभंगा पहुंच रही स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-115 को लैंडिंग की अनुमति मिलने से पहले करीब 30 मिनट तक आसमान में ही चक्कर लगाना पड़ा। विमान में सवार यात्रियों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन गई, क्योंकि उन्हें यह अंदेशा होने लगा था कि कहीं फ्लाइट को दूसरे शहर की ओर मोड़ न दिया जाए। हालांकि बाद में विमान सुरक्षित उतर गया और यात्रियों ने राहत महसूस की।
रनवे खाली होने पर मिली अनुमति
जानकारी के अनुसार, उस समय एयरपोर्ट पर पहले से विमानों की मौजूदगी के कारण रनवे और पार्किंग स्लॉट उपलब्ध नहीं था। जैसे ही अकासा एयर की एक फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना हुई, तब जाकर जगह खाली हुई और स्पाइसजेट के विमान को लैंडिंग क्लियरेंस मिल सका। यह स्थिति दर्शाती है कि सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण एयरपोर्ट पर संचालन संतुलित रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे हालात
दरभंगा एयरपोर्ट पर यह समस्या नई नहीं है। इससे पहले भी कई बार इसी तरह की स्थिति बन चुकी है। 25 दिसंबर 2025 को हैदराबाद से आने वाली इंडिगो की फ्लाइट को करीब एक घंटे तक हवा में इंतजार करना पड़ा था, क्योंकि उस समय रनवे पर दो विमान पहले से खड़े थे। इसी तरह दोपहर के समय एक साथ कई उड़ानों के पहुंचने से संचालन पर दबाव बढ़ जाता है।
इमरजेंसी लैंडिंग तक पहुंची स्थिति
जनवरी के मध्य में भी एक गंभीर स्थिति सामने आई थी, जब इंडिगो की फ्लाइट 6E-537 को लगभग डेढ़ घंटे तक लैंडिंग का इंतजार करना पड़ा। ईंधन की कमी को देखते हुए आखिरकार विमान को रांची एयरपोर्ट की ओर मोड़ना पड़ा, जहां उसकी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। इस तरह की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों को लेकर सवाल खड़े करती हैं।
राजस्व में आगे, सुविधाओं में पीछे
उड़ान योजना के तहत दरभंगा एयरपोर्ट देश के प्रमुख राजस्व अर्जित करने वाले एयरपोर्ट्स में गिना जाता है। इसके बावजूद यहां बुनियादी ढांचे की कमी साफ नजर आती है। बढ़ती यात्री संख्या और उड़ानों के दबाव के अनुरूप सुविधाएं विकसित नहीं हो पाई हैं, जिससे संचालन में बार-बार व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
नए एयरपोर्ट से राहत की उम्मीद
इन चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने नए एयरपोर्ट के निर्माण पर काम शुरू किया है। करीब 90 एकड़ भूमि पर विकसित हो रहे इस नए प्रोजेक्ट से भविष्य में पार्किंग और रनवे की समस्या कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि यह परियोजना समय पर पूरी होती है, तो यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकती हैं और उड़ानों का संचालन भी सुचारू हो सकेगा।