MissileTest – उत्तर कोरिया ने पूर्वी सागर की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं
MissileTest – उत्तर कोरिया ने शनिवार को पूर्वी सागर की दिशा में कई बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया, जिससे क्षेत्र में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार यह प्रक्षेपण ऐसे समय किया गया जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास चल रहा है। इस घटनाक्रम पर सियोल, वॉशिंगटन और टोक्यो तीनों देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

प्योंगयांग के पास से दागी गई मिसाइलें
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के मुताबिक यह मिसाइलें प्योंगयांग के निकट स्थित सुनान क्षेत्र से दागी गईं। शुरुआती आकलन के अनुसार करीब दस बैलिस्टिक मिसाइलों को पूर्वी सागर की दिशा में छोड़ा गया।
जानकारी के मुताबिक इन मिसाइलों ने लगभग 350 किलोमीटर की दूरी तय की। हालांकि इस घटना से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। दक्षिण कोरिया की सेना ने तुरंत निगरानी बढ़ाते हुए संभावित अतिरिक्त गतिविधियों के लिए तैयार रहने की बात कही है।
जापान ने भी की पुष्टि
जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी इस प्रक्षेपण की पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र से बाहर समुद्र में गिरीं। इस कारण किसी जहाज या तटीय क्षेत्र को नुकसान नहीं पहुंचा है।
जापानी अधिकारियों ने कहा कि वे स्थिति का विश्लेषण कर रहे हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए सहयोगी देशों के साथ समन्वय बनाए हुए हैं।
संयुक्त सैन्य अभ्यास के बीच हुआ परीक्षण
यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास “फ्रीडम शील्ड” जारी है। यह अभ्यास 9 मार्च से शुरू होकर 19 मार्च 2026 तक चलने वाला है।
दोनों देशों का कहना है कि इस अभ्यास का उद्देश्य संयुक्त सैन्य क्षमता का आकलन करना और संभावित सुरक्षा चुनौतियों के लिए तैयार रहना है। हालांकि उत्तर कोरिया लंबे समय से इन अभ्यासों को अपने खिलाफ सैन्य तैयारी के रूप में देखता रहा है।
उत्तर कोरिया की चेतावनी और क्षेत्रीय तनाव
हाल ही में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने भी चेतावनी दी थी कि यदि देश की सुरक्षा को चुनौती दी गई तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया मिसाइल परीक्षण को इसी पृष्ठभूमि में देखा जा सकता है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भी वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हुई हैं। इसी बीच दक्षिण कोरिया में अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली जैसे THAAD और पैट्रियट की संभावित तैनाती को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं।
वर्षों से जारी है हथियार परीक्षण
2019 में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर वार्ता रुकने के बाद से प्योंगयांग समय-समय पर मिसाइल और हथियार परीक्षण करता रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि इन परीक्षणों के जरिए उत्तर कोरिया अपनी सैन्य क्षमता दिखाने और राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश करता है।
हालिया परीक्षण को भी कुछ विशेषज्ञ संयुक्त सैन्य अभ्यास के जवाब में शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं।
बातचीत फिर शुरू करने की कोशिश
इन तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच कूटनीतिक स्तर पर संवाद की संभावनाओं पर भी चर्चा जारी है। हाल ही में दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ने वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की।
इस बैठक में उत्तर कोरिया के साथ रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करने के संभावित तरीकों पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और संवाद को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है।



