KhameneiNews – देहरादून में शिया समुदाय ने जताया गहरा शोक
KhameneiNews – ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन की खबर के बाद उत्तराखंड के शिया समुदाय में गहरा शोक देखा गया। देहरादून सहित कई स्थानों पर लोगों ने शोक सभाएं आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। समुदाय के लोगों ने इसे बड़ी क्षति बताते हुए भावनात्मक शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में आयोजित मजलिस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और दिवंगत नेता को याद किया।

इमामबाड़ों में आयोजित हुईं शोक सभाएं
ईसी रोड स्थित इमामबाड़ा और मस्जिद में अंजुमन मोईनुल मोमिनीन की ओर से विशेष मजलिस का आयोजन किया गया। यहां इमाम मौलाना शहंशाह हुसैन जैदी ने संबोधन करते हुए खामेनेई के जीवन और उनके नेतृत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका को लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इसी तरह इंदर रोड स्थित इमामबाड़ा में भी मौलाना रिवायत अली और मौलाना रजा शाह कुम्मी ने तकरीर की और शोक व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि यह क्षति केवल एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी मुस्लिम दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।
घर-घर में पसरा मातम
शहर के शिया बहुल इलाकों में गम का माहौल नजर आया। कई परिवारों ने घरों में फातिहा पढ़ी और विशेष प्रार्थनाएं कीं। लोगों ने बताया कि इस खबर ने उन्हें गहरे स्तर पर प्रभावित किया है। कुछ ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया तो कुछ ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर चिंता जताई। हालांकि सभी ने शांति और संयम बनाए रखने की अपील की।
धार्मिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रिया
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रदेश अध्यक्ष और नायब शहर काजी पीर सैयद अशरफ हुसैन कादरी ने बयान जारी कर इसे बड़ी क्षति बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हालात पर चिंता जताते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर कानून और मानवीय मूल्यों का सम्मान होना चाहिए। संयुक्त नागरिक संगठन के प्रतिनिधियों ने भी हिंसक घटनाओं की निंदा करते हुए संवाद और शांति के रास्ते पर जोर दिया।
ईरान में रह रहे भारतीयों की चिंता
मौजूदा हालात के बीच ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों और वहां रह रहे परिवारों को लेकर चिंता बढ़ गई है। इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने के कारण कई लोगों का अपने परिजनों से संपर्क टूट गया है। देहरादून के कुछ परिवारों ने बताया कि वे लगातार फोन मिलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा। ऐसे में वे टीवी और अन्य माध्यमों से मिल रही सूचनाओं पर निर्भर हैं।
परिजनों की बेचैनी
डालनवाला निवासी मौलाना रजा शाह कुम्मी ने बताया कि उनके परिवार के दो सदस्य ईरान में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। हाल की घटनाओं के बाद उनसे संपर्क सीमित हो गया है। उन्होंने कहा कि आखिरी बार बातचीत में वहां के हालात तनावपूर्ण बताए गए थे। इसी तरह चूना भट्टा के मौलाना रिवायत अली ने बताया कि उनका बेटा कई वर्षों से कुम में अध्ययनरत है और फिलहाल संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है। परिवारजन लगातार प्रार्थना कर रहे हैं।
अन्य खाड़ी देशों से मिली सामान्य स्थिति की जानकारी
कुछ लोगों ने सऊदी अरब और कतर जैसे देशों में रह रहे परिचितों से संपर्क कर हालात की जानकारी ली। रियाद और दोहा से मिली सूचनाओं के अनुसार वहां स्थिति सामान्य बनी हुई है, हालांकि सतर्कता बरती जा रही है। स्थानीय सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी विदेशों में रह रहे लोगों से संपर्क साधकर कुशलक्षेम जानी।
कुल मिलाकर देहरादून में शोक और चिंता का माहौल है। धार्मिक सभाओं के साथ-साथ परिजनों की सलामती के लिए दुआएं की जा रही हैं। समुदाय के नेताओं ने लोगों से संयम बनाए रखने और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की है।



