UP Winter Weather Forecast: धूप की हुई विदाई और बर्फानी हवाओं ने दी दस्तक, आ गया ठंड का खौफनाक दौर…
UP Winter Weather Forecast: उत्तर प्रदेश में रविवार को भले ही खिली हुई धूप ने लोगों को थोड़ी राहत दी हो, लेकिन यह शांति तूफान से पहले की खामोशी जैसी है। पिछले दो दिनों में तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी ने ठंड के तेवर जरूर ढीले किए थे, लेकिन अब (Meteorological Department Update) ने चेतावनी जारी की है कि सोमवार से मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होते ही पहाड़ों से आने वाली बर्फीली पछुआ हवाएं मैदानी इलाकों को अपनी चपेट में ले लेंगी, जिससे गलन और ठिठुरन का नया दौर शुरू होगा।

पश्चिमी यूपी के 6 जिलों में शीतलहर का साया
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ ने आगाह किया है कि गाजियाबाद, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और संभल जैसे पश्चिमी जिलों में (UP Winter Weather Forecast) का खतरा मंडरा रहा है। अगले तीन दिनों के भीतर दिन और रात के पारे में फिर से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाओं के दोबारा सक्रिय होने से शाम होते ही कड़ाके की ठंड पड़ेगी और लोगों को घर के अंदर दुबकने पर मजबूर होना पड़ेगा।
तराई में कोहरे का ऑरेंज अलर्ट और शून्य विजिबिलिटी
उत्तर प्रदेश के तराई वाले 15 जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज और बस्ती जैसे इलाकों में सुबह के वक्त (Fog and Visibility Crisis) की वजह से यातायात बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा 23 अन्य जिलों में भी मध्यम कोहरे की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने वाहन चालकों को सलाह दी है कि वे सुबह के समय फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और रफ्तार को नियंत्रित रखें, क्योंकि कोहरे के कारण दृश्यता शून्य के करीब पहुंच सकती है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में पारा 5 डिग्री से नीचे
पहाड़ों पर हुई भारी बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों में साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर पंजाब और राजस्थान तक (Minimum Temperature Drop) का सिलसिला जारी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पालम इलाके में तापमान 3.0 डिग्री दर्ज किया गया, जो 2013 के बाद का सबसे निचला स्तर है। राजस्थान के प्रतापगढ़ और बाड़मेर में तो पारा शून्य से नीचे चला गया है, जिसने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
पंजाब और हरियाणा में ‘कोल्ड डे’ जैसे हालात
पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में भी ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। बठिंडा 1.6 डिग्री तापमान के साथ पंजाब का सबसे ठंडा शहर रहा, वहीं अमृतसर में (Severe Cold Conditions) के चलते ‘कोल्ड डे’ घोषित कर दिया गया है। हरियाणा के हिसार और नारनौल में भी पारा 2 से 3 डिग्री के बीच झूल रहा है। मौसम विभाग का मानना है कि कम से कम अगले तीन दिनों तक इन राज्यों में शीतलहर से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में जमा देने वाली गलन
हिमालयी क्षेत्रों में कुदरत का कहर जारी है, जहाँ जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान शून्य से काफी नीचे बना हुआ है। (Himalayan Snowfall Impact) के कारण उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में चलने वाली हवाएं इतनी सर्द हो गई हैं कि दिन की धूप भी बेअसर साबित हो रही है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी अगले तीन दिनों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है, जिसका सीधा असर उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मौसम पर पड़ेगा।
बदलता मौसम और स्वास्थ्य के लिए बढ़ती चुनौतियां
ठंड के अचानक लौटने और तापमान में भारी उतार-चढ़ाव की वजह से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। चिकित्सकों ने खासकर (Winter Health Precautions) बरतने की सलाह दी है, जिसमें सिर और कान को ढककर रखना और गुनगुने पानी का सेवन करना शामिल है। चूंकि तराई के इलाकों में सुबह के वक्त कोहरा घना रहेगा, इसलिए हृदय और अस्थमा के मरीजों को सुबह की सैर से बचने का सुझाव दिया गया है।



