उत्तर प्रदेश

School Action – ललूमर स्कूल में बच्चों से काम कराने पर निलंबित हुईं दो शिक्षिकाएं

School Action – मोहनलालगंज के प्राथमिक विद्यालय ललूमर में बच्चों से छत पर काम कराने के आरोप के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने प्रकरण की जांच कराई। जांच में बच्चों से काम कराए जाने की पुष्टि होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापिका श्वेता त्रिपाठी और सहायक अध्यापिका शगुफ्ता रानी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अधिकारियों ने मामले की पूरी पड़ताल के लिए अलग जांच समिति भी गठित की है। विभाग का कहना है कि जांच के दौरान सामने आए सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच में बच्चों से काम कराने की पुष्टि

खंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार की ओर से तैयार रिपोर्ट में विद्यालय की छत पर बच्चों से काम कराए जाने की बात सामने आई है। जांच के दौरान छत पर बिजली का तार भी बाहर निकला हुआ मिला, जिससे वहां बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई। अधिकारियों ने विद्यालय से जुड़े लोगों और ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई। पूछताछ में शिक्षिकाओं के समय पर विद्यालय नहीं पहुंचने से संबंधित शिकायतें भी सामने आने की बात रिपोर्ट में दर्ज की गई है।

विद्यालय की व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल

जांच रिपोर्ट में स्कूल को मिली कंपोजिट ग्रांट के इस्तेमाल से जुड़ी स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, विद्यालय को राशि मिलने के बावजूद रंगाई-पुताई और साफ-सफाई जैसे जरूरी कार्य नहीं कराए गए थे। विभागीय जांच के दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं और शिक्षकों की उपस्थिति को भी देखा गया। अधिकारियों ने इन बिंदुओं को भी कार्रवाई के दौरान ध्यान में रखा।

निरीक्षण के दिन भी अनुपस्थित मिलीं प्रधानाध्यापिका

रिपोर्ट के मुताबिक, तीन अगस्त को विद्यालय के निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापिका श्वेता त्रिपाठी मौजूद नहीं थीं। विभाग की ओर से उनसे अनुपस्थिति को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अधिकारियों के अनुसार, दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निलंबन का आदेश जारी किया। सहायक अध्यापिका शगुफ्ता रानी के खिलाफ भी इसी प्रकरण में विभागीय कार्रवाई की गई है।

प्रधानाध्यापिका ने आरोपों को बताया साजिश

प्रधानाध्यापिका श्वेता त्रिपाठी ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि विद्यालय की छत पर मरम्मत का काम चल रहा था और वहां काम करने वाले मिस्त्री का बच्चा भी इसी स्कूल में पढ़ता है। उनके मुताबिक, मध्याह्न अवकाश के दौरान वह बच्चा छत पर चला गया था। प्रधानाध्यापिका ने दावा किया कि इसी दौरान रसोइया के बेटों ने वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। उन्होंने पूरे मामले को रसोइया की कथित साजिश बताया है।

विस्तृत जांच के लिए समिति गठित

बेसिक शिक्षा अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, प्रारंभिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोनों शिक्षिकाओं के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। मामले की विस्तृत जांच के लिए समिति का गठन कर दिया गया है। अब समिति प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों, विद्यालय की व्यवस्थाओं और लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। अंतिम स्थिति विस्तृत जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद स्पष्ट होगी। फिलहाल शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।

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