Dalit Rights – ऊना मामले में दोषियों के खिलाफ मायावती ने की सख्त कार्रवाई की मांग
Dalit Rights– बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने गुजरात के चर्चित ऊना मामले को लेकर राज्य सरकार से प्रभावी कानूनी कार्रवाई करने की अपील की है। Dalit Rights- उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए सरकार को उच्च न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखना चाहिए और उन्हें निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करानी चाहिए, ताकि आर्थिक कारण न्याय की राह में बाधा न बनें।

एक्स पर जारी बयान में जताई चिंता
मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी अपने बयान में कहा कि वर्ष 2016 में गिर सोमनाथ जिले के ऊना में दलित समुदाय के साथ हुई घटना से जुड़े मामले में स्थानीय अदालत द्वारा अधिकांश आरोपियों को बरी किए जाने के बाद पीड़ित परिवारों के सामने नई कानूनी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय में अपील की प्रक्रिया के दौरान आर्थिक और कानूनी सहायता की आवश्यकता महसूस की जा रही है, जिससे समाज के कई वर्गों में चिंता का माहौल है।
अपने दौरे का किया उल्लेख
बसपा प्रमुख ने कहा कि घटना के समय वह स्वयं पीड़ित परिवारों से मिलने ऊना गई थीं और मौके पर स्थिति का जायजा लेने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उनके अनुसार, इस मामले ने देशभर में व्यापक चर्चा को जन्म दिया था, इसलिए न्यायिक प्रक्रिया को पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है।
सरकार से प्रभावी पैरवी की अपील
मायावती ने गुजरात सरकार से आग्रह किया कि वह उच्च न्यायालय में मामले की मजबूत पैरवी सुनिश्चित करे, ताकि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों को सक्षम वकील सरकारी खर्च पर उपलब्ध कराए जाएं। उनके अनुसार, कमजोर और आर्थिक रूप से सीमित लोगों को न्याय दिलाने के लिए ऐसी व्यवस्था आवश्यक है।
वर्ष 2016 की घटना फिर चर्चा में
ऊना का यह मामला वर्ष 2016 में सामने आया था और उस समय पूरे देश में इसकी व्यापक चर्चा हुई थी। हाल ही में स्थानीय अदालत के फैसले के बाद यह प्रकरण एक बार फिर सार्वजनिक और राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गया है। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।