Dengue – बारिश के मौसम में बच्चों में दिखें ये संकेत, तुरंत कराएं जांच…
Dengue – मानसून के दौरान मच्छरों की संख्या बढ़ने के साथ डेंगू संक्रमण का खतरा भी काफी बढ़ जाता है। यह बीमारी एडीज मच्छर के काटने से फैलती है और बच्चों में अपेक्षाकृत अधिक गंभीर रूप ले सकती है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों की समय पर पहचान और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने से जटिलताओं का जोखिम काफी कम किया जा सकता है।

सामान्य बुखार समझकर न करें नजरअंदाज
डेंगू के शुरुआती लक्षण कई बार वायरल बुखार जैसे लगते हैं, जिससे अभिभावक भ्रमित हो सकते हैं। यही कारण है कि बारिश के मौसम में यदि बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगे, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। समय पर जांच होने से सही उपचार शुरू किया जा सकता है।
तेज बुखार और शरीर में दर्द हो सकते हैं शुरुआती संकेत
डेंगू का सबसे सामान्य लक्षण अचानक तेज बुखार आना माना जाता है। कई मामलों में शरीर का तापमान 102 से 104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच सकता है। इसके साथ हाथ-पैर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द भी महसूस हो सकता है। छोटे बच्चे अपनी परेशानी स्पष्ट रूप से नहीं बता पाते, इसलिए यदि वे खेलने से बचें, बार-बार रोएं या सामान्य से अधिक चिड़चिड़े दिखाई दें, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
सिरदर्द, आंखों में दर्द और कमजोरी
संक्रमण के दौरान बच्चों को तेज सिरदर्द या आंखों के पीछे दर्द की शिकायत भी हो सकती है। कुछ बच्चों को तेज रोशनी से असहजता महसूस होती है। इसके अलावा शरीर में कमजोरी, अत्यधिक थकान और सामान्य गतिविधियों में रुचि कम होना भी डेंगू के संभावित लक्षणों में शामिल है। यदि बच्चा पूरे दिन सुस्त रहे और पहले की तुलना में कम सक्रिय दिखाई दे, तो चिकित्सकीय परामर्श लेना उचित रहेगा।
भूख कम होना और त्वचा पर चकत्ते
डेंगू से प्रभावित बच्चों में भूख कम लगना, जी मिचलाना या उल्टी जैसी समस्याएं भी देखी जा सकती हैं। लगातार उल्टी होने पर शरीर में पानी की कमी का खतरा बढ़ जाता है। कुछ मामलों में बुखार के कुछ दिन बाद त्वचा पर लाल रंग के छोटे-छोटे चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि यह लक्षण हर बच्चे में नहीं दिखता, इसलिए केवल इसके आधार पर बीमारी का अनुमान नहीं लगाया जाना चाहिए।
इन गंभीर संकेतों पर तुरंत लें चिकित्सकीय मदद
यदि बच्चे को तेज बुखार के साथ बार-बार उल्टी, पेट में तेज दर्द, अत्यधिक कमजोरी, नाक या मसूड़ों से खून आना, सांस लेने में कठिनाई, पेशाब कम होना या अत्यधिक नींद आने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू में स्वयं दवा लेने से बचना चाहिए और केवल चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही उपचार कराना चाहिए। साथ ही मच्छरों से बचाव, घर के आसपास पानी जमा न होने देना और पूरी बाजू के कपड़े पहनाना जैसी सावधानियां संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती हैं।