Iran – जासूसी के दो दोषियों को फांसी, अमेरिका के साथ तनाव पर भी बढ़ी बयानबाजी
Iran – ईरान ने इस्राइल के लिए कथित जासूसी के आरोप में दो नागरिकों को फांसी दिए जाने की पुष्टि की है। सरकारी मीडिया के अनुसार, ओमिद बेहजाद और पूरिया सफवत पर आरोप था कि उन्होंने सुरक्षा और सैन्य प्रतिष्ठानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी, तस्वीरें और स्थान संबंधी विवरण इस्राइल तक पहुंचाए थे। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब क्षेत्र में सुरक्षा हालात पहले से तनावपूर्ण बने हुए हैं और पश्चिम एशिया की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर है।

जासूसी के आरोपों में सख्त कार्रवाई
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आरोपियों पर पिछले वर्ष हुए संघर्ष और हालिया घटनाक्रम के दौरान इस्राइल को गोपनीय सूचनाएं उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि इन जानकारियों का संबंध सैन्य और सुरक्षा प्रतिष्ठानों से था। हालांकि, इन आरोपों पर स्वतंत्र स्तर पर पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मानवाधिकार संगठनों ने उठाए सवाल
Human Rights Watch की 24 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले चार महीनों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में ईरान में कम से कम 50 लोगों को मृत्युदंड दिया गया है। रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि इनमें कई कम उम्र के युवा शामिल थे। वहीं, जेनेवा स्थित ईरान के स्थायी मिशन की ओर से इस रिपोर्ट पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। ईरान पहले भी कैदियों के साथ दुर्व्यवहार और न्यायिक प्रक्रिया पर लगाए गए आरोपों से इनकार करता रहा है।
ट्रंप ने फिर दोहराया वार्ता का प्रस्ताव
इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के साथ संभावित बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच चर्चा किसी नतीजे तक पहुंच सकती है और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दे पर भी समाधान की संभावना है। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका का रुख परमाणु हथियारों के मुद्दे पर सख्त है और ईरान को इस दिशा में आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने इसे समझौते का महत्वपूर्ण आधार बताया।
तेहरान ने अमेरिकी दावों पर जताई आपत्ति
ट्रंप के हालिया बयानों के बाद ईरान की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। ईरान के सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ईरान अपनी नीति पर कायम है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने पूर्व समझौतों का पालन नहीं किया और बाद में सैन्य कार्रवाई का रास्ता अपनाया। रेजाई ने कहा कि ईरान अपनी सुरक्षा और समुद्री हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की क्षमता रखता है।
क्षेत्रीय हालात पर बनी हुई है नजर
ईरान और अमेरिका के बीच लगातार आ रहे बयानों ने पश्चिम एशिया में कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधी चर्चाओं को फिर तेज कर दिया है। एक ओर जासूसी मामलों में ईरान की कार्रवाई चर्चा में है, वहीं दूसरी ओर परमाणु कार्यक्रम, समुद्री सुरक्षा और संभावित वार्ता को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग रुख वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन घटनाक्रमों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी रहेगी।