Road Construction – पीसीसी सड़क निर्माण पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, लगा नियमों के उल्लंघन का आरोप
Road Construction – पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित बख्तियारपुर प्रखंड में फोरलेन से रवाईच गांव होते हुए एसएच-106 तक बनाई जा रही पीसीसी सड़क को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सड़क निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया जा रहा, जिससे भविष्य में जलजमाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।

सड़क की ऊंचाई बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से बनी पीसीसी सड़क को हटाए बिना उसके ऊपर नई कंक्रीट की परत डाली जा रही है। उनका कहना है कि इससे सड़क का स्तर पहले से अधिक ऊंचा हो गया है, जबकि आसपास बने कई मकान नीचे चले गए हैं। लोगों का मानना है कि बारिश के मौसम में इसका सीधा असर घरों के सामने पानी भरने के रूप में दिखाई देगा और निकासी की समस्या गंभीर हो सकती है।
हाईकोर्ट के आदेश का हवाला
स्थानीय निवासी संजय सिंह ने बताया कि उन्होंने निर्माण कार्य को लेकर संबंधित अभियंता से आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि उन्हें जवाब मिला कि पुरानी सड़क के ऊपर ही नई ढलाई की जाएगी। संजय सिंह का दावा है कि न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पुरानी कंक्रीट परत को हटाने के बाद ही नई सड़क बनाई जानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही गिट्टी की गुणवत्ता भी अपेक्षित मानकों पर खरी नहीं उतर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
विभाग ने एस्टीमेट के अनुरूप काम होने का किया दावा
निर्माण स्थल पर मौजूद जूनियर इंजीनियर ने ग्रामीणों के आरोपों से अलग पक्ष रखा। उनके अनुसार परियोजना के स्वीकृत एस्टीमेट में प्रोफाइल करेक्शन का प्रावधान शामिल है और उसी के आधार पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जहां आवश्यकता होती है, वहां पुरानी सड़क को हटाकर नई सड़क बनाई जाती है, जबकि अन्य स्थानों पर तकनीकी मानकों के अनुसार प्रोफाइल सुधारने के बाद निर्माण किया जाता है। हालांकि, हाईकोर्ट के कथित निर्देशों के संबंध में उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।
मामले पर आगे क्या हो सकता है
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क का स्तर लगातार ऊंचा होता गया तो आसपास के घरों और नालियों की जल निकासी प्रभावित होगी। उनका आग्रह है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसे समय रहते सुधारा जाए। दूसरी ओर विभाग का कहना है कि पूरा कार्य स्वीकृत योजना और तकनीकी प्रावधानों के अनुरूप कराया जा रहा है। ऐसे में अब संबंधित अधिकारियों की जांच और रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।