PaperLeak – राहुल गांधी ने एंटी-पेपर लीक कानून पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
PaperLeak – लोक परीक्षा से जुड़े संशोधित कानून और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन से जुड़े युवाओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की नई पीढ़ी के साथ संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए। राहुल गांधी ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर साझा किए गए अपने संदेश में की।

छात्र प्रदर्शन को लेकर सरकार पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि छात्र प्रदर्शनकारियों को डराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं पर एफआईआर दर्ज की जा रही है और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी ब्लॉक कराया जा रहा है। कांग्रेस नेता ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी। यह बयान एंटी-पेपर लीक कानून को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है।
संसद से पारित हुआ संशोधित विधेयक
राहुल गांधी की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब संसद ने ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी है। यह संशोधन 2024 में लागू किए गए एंटी-पेपर लीक कानून को और अधिक सख्त बनाता है। नए प्रावधानों के तहत परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक से जुड़े मामलों में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सख्त दंड का प्रावधान किया गया है। राज्यसभा में विपक्षी दलों के वॉकआउट के बीच यह विधेयक ध्वनिमत से पारित हुआ।
प्रधानमंत्री ने कानून की जरूरत बताई
विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस कानून को छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में केंद्र और कई राज्यों में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों अभ्यर्थियों की मेहनत पर असर डाला है। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता थी, जिसके तहत यह संशोधन लाया गया है।
परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पेपर लीक से जुड़े गिरोहों और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता फैलाने वाले नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई करना है। उन्होंने बताया कि परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया गया है। साथ ही मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था और राज्यों के साथ समन्वय की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
कानून पर राजनीतिक बहस जारी
संशोधित एंटी-पेपर लीक कानून को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अलग-अलग राय सामने आ रही है। एक ओर केंद्र सरकार इसे परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाला कदम बता रही है, वहीं विपक्ष छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक चर्चा जारी रहने की संभावना है।