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CanaraBank – पहली तिमाही में केनरा बैंक का मुनाफा बढ़ा, एनपीए में दर्ज हुई उल्लेखनीय कमी

CanaraBank- सार्वजनिक क्षेत्र के केनरा बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करते हुए आय, लाभ और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया है। बैंक के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 के दौरान उसका शुद्ध लाभ बढ़कर 4,856 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 4,752 करोड़ रुपये था। बैंक ने 27 जुलाई 2026 को नियामकीय सूचना के माध्यम से यह वित्तीय विवरण साझा किया।

आय और ब्याज से कमाई में हुई बढ़ोतरी

जून तिमाही के दौरान बैंक की कुल आय में भी वृद्धि देखने को मिली। यह बढ़कर 39,684 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में कुल आय 38,063 करोड़ रुपये थी। ब्याज से होने वाली आय में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा 31,003 करोड़ रुपये से बढ़कर 32,957 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं परिचालन लाभ भी पिछले वर्ष के 8,554 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 8,636 करोड़ रुपये रहा, जो बैंक के मुख्य कारोबार में मजबूती का संकेत देता है।

एनपीए में सुधार से मजबूत हुई परिसंपत्ति गुणवत्ता

पहली तिमाही में बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता पहले की तुलना में बेहतर रही। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (Gross NPA) का अनुपात घटकर 1.57 प्रतिशत रह गया, जबकि एक साल पहले यह 2.69 प्रतिशत था। इसी तरह शुद्ध गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (Net NPA) भी 0.63 प्रतिशत से घटकर 0.36 प्रतिशत पर आ गईं। इसके साथ ही खराब ऋणों के लिए किए गए प्रावधान भी कम हुए हैं। जून तिमाही में बैंक ने 1,399 करोड़ रुपये का प्रावधान किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,845 करोड़ रुपये था।

प्रावधान कवरेज और पूंजी स्थिति में भी सुधार

केनरा बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात (PCR) भी पहले की तुलना में बेहतर हुआ है। यह बढ़कर 94.76 प्रतिशत हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 93.17 प्रतिशत था। विशेषज्ञों के अनुसार, उच्च पीसीआर यह दर्शाता है कि बैंक ने संभावित जोखिम वाले ऋणों के लिए पर्याप्त वित्तीय सुरक्षा तैयार की है। इसके अलावा बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio) भी 16.52 प्रतिशत से बढ़कर 17.17 प्रतिशत हो गया, जो भविष्य के जोखिमों का सामना करने की उसकी क्षमता को और मजबूत बनाता है।

आरओए में मामूली गिरावट दर्ज

हालांकि अधिकांश प्रमुख वित्तीय संकेतकों में सुधार देखने को मिला, लेकिन परिसंपत्तियों पर प्रतिफल (Return on Assets) में हल्की गिरावट दर्ज की गई। जून 2025 में यह अनुपात 1.14 प्रतिशत था, जो जून 2026 में घटकर 1.04 प्रतिशत रह गया। इसके बावजूद लाभ, आय, पूंजी स्थिति और एनपीए में सुधार जैसे संकेतकों ने बैंक के समग्र प्रदर्शन को सकारात्मक बनाए रखा है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत बैलेंस शीट और बेहतर परिसंपत्ति गुणवत्ता आने वाले समय में बैंक की स्थिरता को और मजबूत कर सकती है।

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