PublicGrievance – जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं शिकायतें, त्वरित समाधान के दिए निर्देश
PublicGrievance – उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों की समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें और मांगें लेकर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुनते हुए लोगों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक को अपनी परेशानी को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है और प्रशासन हर उचित मामले में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक आवेदन की निष्पक्ष समीक्षा कर संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई करे, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।
विभिन्न मामलों को लेकर पहुंचे फरियादी
कार्यक्रम में पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, राजस्व संबंधी समस्याएं, सामाजिक योजनाओं का लाभ, स्वास्थ्य, पुलिस कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक मामलों से जुड़ी शिकायतें मुख्यमंत्री के समक्ष रखीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण का तथ्यों के आधार पर परीक्षण कर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शिकायतों के निस्तारण की नियमित निगरानी की जाए।
लोगों को दिया भरोसे का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फरियादियों से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक प्रभावी प्रशासनिक सेवाएं पहुंचाना है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और पात्र मामलों में शीघ्र कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की अपेक्षा भी जताई।
जनता दर्शन बना सीधा संवाद का माध्यम
जनता दर्शन कार्यक्रम को सरकार और आम नागरिकों के बीच सीधे संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच माना जाता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न जिलों से आने वाले लोग बिना किसी मध्यस्थ के अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री के सामने रख पाते हैं। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य शिकायतों के त्वरित समाधान के साथ प्रशासनिक जवाबदेही को और अधिक मजबूत बनाना है।