Infrastructure – योगी कैबिनेट ने दो नए एक्सप्रेसवे समेत 18 अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी
Infrastructure– उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित कैबिनेट बैठक में कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सड़क अवसंरचना, उच्च शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, परिवहन, गृह, सचिवालय प्रशासन, सहकारिता, स्टांप एवं पंजीकरण सहित कई विभागों से जुड़े फैसले लिए गए। बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों के विकास को गति देने वाली कई नई परियोजनाओं पर भी सहमति बनी।

दो नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को हरी झंडी
कैबिनेट ने प्रदेश में दो नए एक्सप्रेसवे के निर्माण को स्वीकृति दी है। पहला एक्सप्रेसवे प्रयागराज से सोनभद्र तक बनाया जाएगा, जिसकी लंबाई लगभग 333 किलोमीटर होगी। इस परियोजना पर करीब 26 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं दूसरा विंध्य-पूर्वांचल लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जो पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़कर गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली जिलों को जोड़ेगा। इसकी लंबाई 117 किलोमीटर निर्धारित की गई है और इस परियोजना की कुल लागत 9039 करोड़ रुपये होगी। इसमें निर्माण कार्य के साथ भूमि अधिग्रहण भी शामिल है।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए डायवर्जन योजना
बैठक में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर 1.18 किलोमीटर लंबे डायवर्जन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित मार्ग पर अधिक संख्या में आवास होने के कारण यह बदलाव आवश्यक माना गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस परिवर्तन से परियोजना की कुल लागत में कोई अतिरिक्त बढ़ोतरी नहीं होगी।
उच्च शिक्षा और छात्राओं के लिए नई पहल
उच्च शिक्षा विभाग के तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली। इनमें रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, शोध पीठ की स्थापना और महिला छात्रावास निर्माण शामिल हैं। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत प्रदेश के सभी कॉलेजों की शीर्ष पांच छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और लगभग 50 हजार छात्राओं को इसका लाभ मिलने की संभावना है।
विश्वविद्यालयों में शोध और भारतीय ज्ञान परंपरा पर जोर
सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में शोध पीठ स्थापित करने का भी निर्णय लिया है। विश्वविद्यालयों को अधिकतम दो करोड़ रुपये तथा पात्र महाविद्यालयों को एक करोड़ रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस राशि को सावधि जमा के रूप में रखा जाएगा और उससे मिलने वाले ब्याज का उपयोग शोध गतिविधियों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा व्यवस्था में व्यापक स्तर पर शामिल करने की योजना भी बनाई गई है। 50 वर्ष से अधिक पुराने तथा कम से कम पांच हजार विद्यार्थियों वाले संस्थान इस योजना के पात्र होंगे।
महिला छात्रावासों का होगा विस्तार
वाराणसी स्थित बसंत महिला विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए नए छात्रावास के निर्माण को मंजूरी दी गई है। लगभग 2.48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस छात्रावास में 112 छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। इसके अतिरिक्त वाराणसी में 500 छात्राओं की क्षमता वाला मुख्यमंत्री श्रमजीवी छात्रावास भी बनाया जाएगा। यह परियोजना लगभग छह हजार वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इससे पहले झांसी, मेरठ, आगरा और गोरखपुर में भी ऐसे छात्रावासों को स्वीकृति दी जा चुकी है।
मानसून सत्र तीन से छह अगस्त तक
कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक आयोजित करने का निर्णय भी लिया। इस दौरान सरकार अपने विधायी कार्यों के साथ अनुपूरक बजट भी सदन में प्रस्तुत करेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विभिन्न समसामयिक मुद्दों को लेकर यह सत्र काफी सक्रिय रहने की संभावना है।
परिवहन और अग्निशमन सेवाओं को मिलेगा विस्तार
राज्य सरकार ने परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के लिए 220 नई बसें खरीदने की मंजूरी दी है। इनमें इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर लगभग 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ये बसें 42 और 50 सीटों की क्षमता वाली होंगी। साथ ही आउटसोर्सिंग निगम के पोर्टल संचालन और कर्मचारियों के वेतन मद के लिए 20 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई है।
अग्निशमन विभाग को मिलेंगे नए विशेष वाहन
आपातकालीन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अग्निशमन विभाग के लिए 44 वाटर टैंकर और पांच फोम टैंकर खरीदने का निर्णय लिया गया है। इन विशेष वाहनों का उपयोग ऐसे स्थानों पर किया जाएगा जहां बड़े दमकल वाहन आसानी से नहीं पहुंच पाते, जिससे आग बुझाने की कार्रवाई को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जा सके।