CabinetExpansion – कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार पर दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व करेगा मंथन
CabinetExpansion– कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धारमैया मंगलवार को दिल्ली पहुंचे, जहां वे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ संभावित कैबिनेट विस्तार पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता सुबह एचएएल (HAL) हवाई अड्डे से विशेष विमान के जरिए राष्ट्रीय राजधानी रवाना हुए। माना जा रहा है कि बैठक में मंत्रिमंडल के रिक्त पदों को भरने और अन्य संगठनात्मक मुद्दों पर भी विचार किया जाएगा।

विधानसभा सत्र से पहले बढ़ा निर्णय का दबाव
राज्य में 6 अगस्त से विधानसभा सत्र शुरू होना है। ऐसे में कांग्रेस सरकार पर लंबे समय से खाली पड़े मंत्री पदों को भरने का दबाव बढ़ गया है। वर्तमान में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद में केवल 14 सदस्य हैं, जबकि 20 पद अब भी रिक्त हैं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि सत्र से पहले मंत्रिमंडल को पूर्ण स्वरूप देने की दिशा में पार्टी नेतृत्व जल्द फैसला ले सकता है।
मंत्री बनने की दौड़ हुई तेज
दिल्ली में शीर्ष नेताओं की बैठक की खबर सामने आने के बाद मंत्री पद के दावेदार विधायकों की सक्रियता भी बढ़ गई है। कई विधायक पहले से ही राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद हैं और पार्टी नेतृत्व के समक्ष अपनी दावेदारी रखने की कोशिश कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, विभिन्न क्षेत्रों और सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधित्व को लेकर भी विचार-विमर्श चल रहा है। विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ नेता मंत्रिमंडल में पर्याप्त भागीदारी की मांग कर रहे हैं।
संभावित नामों पर जारी है मंथन
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि कई वरिष्ठ नेताओं के नाम संभावित मंत्रियों की सूची में चर्चा में हैं। इनमें बी.जेड. जमीर अहमद खान का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है। हालांकि, अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी के बाद ही होगा। पार्टी नेतृत्व क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ-साथ संगठनात्मक आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखकर मंत्रियों के नाम तय कर सकता है।
शपथ ग्रहण और विधानसभा अध्यक्ष पर भी नजर
सूत्रों के मुताबिक, यदि दिल्ली में सहमति बनती है तो मंत्रिमंडल विस्तार के तहत नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण गुरुवार या शुक्रवार को कराया जा सकता है। इसके साथ ही कर्नाटक विधानसभा के नए अध्यक्ष के नाम पर भी फैसला होने की संभावना है। पूर्व अध्यक्ष यू.टी. खादर के इस्तीफा देने और सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद यह पद खाली है। ऐसे में कांग्रेस नेतृत्व दोनों महत्वपूर्ण फैसलों को एक साथ अंतिम रूप देने की तैयारी में है।