Parliament – छात्र मुद्दों पर विपक्ष ने की रणनीति बैठक, संसद में तेज हुई चर्चा की मांग
Parliament– संसद के मानसून सत्र के बीच मंगलवार सुबह इंडिया गठबंधन के प्रमुख नेताओं ने नई दिल्ली स्थित संसद भवन में बैठक कर छात्र आंदोलनों, परीक्षा अनियमितताओं और सदन की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। बैठक का उद्देश्य आगामी संसदीय कार्यवाही के दौरान विपक्ष की साझा रणनीति तय करना और विभिन्न मुद्दों पर एकजुट रुख अपनाना था। इसके बाद गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष से भी मुलाकात कर छात्रों से जुड़े विषयों पर सदन में चर्चा कराने की मांग रखी।

लोकसभा अध्यक्ष से विपक्ष की मुलाकात
बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी, वाम दलों, शिवसेना सहित इंडिया गठबंधन के कई दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष हाल की घटनाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। विपक्ष का कहना है कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों पर संसद में खुली बहस होनी चाहिए।
मल्लिकार्जुन खरगे ने जताई नाराजगी
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी संदेश में उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को बल प्रयोग के बजाय संवाद के माध्यम से सुना जाना चाहिए।
संसद में चर्चा और जवाबदेही की मांग
खरगे ने अपने बयान में सरकार से छात्र आंदोलन, परीक्षा से जुड़े विवादों और हाल की घटनाओं पर संसद में तत्काल चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय होना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, सुरक्षित डिजिटल व्यवस्था और व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
राज्यसभा में बोलने से रोके जाने का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने राज्यसभा में इस विषय को उठाने का प्रयास किया तो उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष को अपनी बात रखने और महत्वपूर्ण सार्वजनिक मुद्दों पर चर्चा करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उनके अनुसार, छात्रों से जुड़े विषयों पर संसद में गंभीर विचार-विमर्श आवश्यक है।
सरकार का पक्ष भी आया सामने
इस बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हवाले से कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने बताया कि एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री ने परीक्षा में अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मामलों को गंभीर विषय बताया तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात दोहराई। रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार छात्रों के हितों के साथ खड़ी है और इस विषय को राजनीतिक विवाद के बजाय राष्ट्रीय चिंता के रूप में देखा जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हुआ है और यह 13 अगस्त तक प्रस्तावित है।