Highway – भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए फिर शुरू हुआ पेड़ों का कटान
Highway – भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन सड़क परियोजना के तहत सोमवार को एक बार फिर पेड़ों की कटाई का कार्य शुरू किया गया। पिछले कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शनों के चलते यह अभियान रुका हुआ था, लेकिन प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के बाद वन विभाग और संबंधित एजेंसियों ने दोबारा काम शुरू कराया। मौके पर किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पहले दिन करीब 100 पेड़ों का कटान किया गया।

विरोध के बीच जारी रहा अभियान
सुबह से ही परियोजना क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी बनी रही। दूसरी ओर, पर्यावरण संरक्षण की मांग कर रहे कुछ स्थानीय लोग और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पेड़ों की कटाई पर आपत्ति जताई और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के बीच कटान का कार्य निर्धारित योजना के अनुसार जारी रखा गया।
तीन हजार से अधिक पेड़ों की कटाई प्रस्तावित
भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन परियोजना के लिए लगभग 19 किलोमीटर लंबे मार्ग पर संरक्षित प्रजातियों सहित तीन हजार से अधिक पेड़ों को हटाने का प्रस्ताव है। पर्यावरण संरक्षण से जुड़े समूहों का कहना है कि विकास कार्यों के साथ-साथ हरित क्षेत्र के संरक्षण पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए। वहीं, परियोजना से जुड़े विभागों का कहना है कि आवश्यक स्वीकृतियों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्य किया जा रहा है।
बारिश के मौसम में कटान पर उठे सवाल
परियोजना के तहत वर्षा ऋतु में हो रहे पेड़ कटान को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। वन विभाग के कुछ कर्मचारियों ने अनौपचारिक रूप से माना कि मानसून का समय सामान्य तौर पर पौधरोपण के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है। हालांकि, विभाग की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की गई है। संबंधित एजेंसियों का कहना है कि परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाई जा रही है।
पहले आंदोलन के कारण रुका था काम
इससे पहले लगातार विरोध प्रदर्शनों के कारण वन निगम ने पेड़ों की कटाई का कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया था। अधिकारियों ने तब कहा था कि पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध होने के बाद ही काम दोबारा शुरू किया जाएगा। सोमवार सुबह पुलिस बल की तैनाती के बाद निर्माण कार्य से जुड़ी गतिविधियां फिर शुरू कर दी गईं। इस बार विरोध प्रदर्शन पहले की तुलना में सीमित रहा।
दो लोगों पर की गई कानूनी कार्रवाई
कटान के दौरान दो प्रदर्शनकारियों ने कार्य रोकने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, एक व्यक्ति पेड़ से चिपक गया, जबकि दूसरा सड़क पर बैठ गया। अधिकारियों का कहना है कि दोनों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन कार्य में बाधा जारी रहने पर उन्हें हिरासत में लेकर शांति भंग के आरोप में कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस ने बताया कि पूरे अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।