उत्तर प्रदेश

MedicineSafety – राजधानी में नकली दवाओं की बरामदगी से सप्लाई नेटवर्क पर उठे गंभीर सवाल

MedicineSafety – राजधानी में अलग-अलग स्थानों से नकली दवाओं की लगातार हो रही बरामदगी ने दवा कारोबार की निगरानी व्यवस्था और अवैध सप्लाई नेटवर्क को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। बुधवार को हुई कार्रवाई में कई नामी कंपनियों के नाम से मिलती-जुलती दवाएं बरामद होने के बाद यह संकेत मिला है कि यह केवल अलग-अलग घटनाएं नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से संचालित हो रहे एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। बीते कुछ वर्षों में कई बार कार्रवाई होने के बावजूद ऐसे मामलों का सामने आना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है।

रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली दवाएं बनीं निशाना

जांच में सामने आया है कि जिन दवाओं की बरामदगी हुई है, उनमें अधिकांश ऐसी दवाएं शामिल हैं जिनका उपयोग बड़ी संख्या में मरीज नियमित रूप से करते हैं। इनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, लिवर से जुड़ी बीमारियों और संक्रमण के इलाज में इस्तेमाल होने वाली एंटीबायोटिक दवाएं प्रमुख हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अधिक मांग वाली दवाओं की नकली खेप तैयार कर बाजार में उतारने से अवैध कारोबारियों को तेजी से आर्थिक लाभ मिलता है, इसलिए ऐसे उत्पादों को प्राथमिकता दी जाती है।

विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य जोखिम को बताया गंभीर

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार नकली दवाएं मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती हैं। कई मामलों में इनमें आवश्यक सक्रिय तत्व या तो मौजूद नहीं होता या फिर उसकी मात्रा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होती। ऐसी स्थिति में मरीज की बीमारी नियंत्रित होने के बजाय और गंभीर हो सकती है। विशेष रूप से एंटीबायोटिक दवाओं की गुणवत्ता में कमी दवा प्रतिरोध जैसी समस्या को बढ़ावा दे सकती है, जबकि गंभीर रोगियों के लिए गलत दवा का सेवन जानलेवा भी साबित हो सकता है।

उत्पादन और सप्लाई चेन पर कार्रवाई की जरूरत

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि केवल बाजार से नकली दवाएं जब्त करना पर्याप्त नहीं होगा। जब तक इनके निर्माण केंद्रों, भंडारण स्थलों और वितरण नेटवर्क तक पहुंचकर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक ऐसे गिरोह नए नाम और नए ठिकानों से दोबारा सक्रिय हो सकते हैं। उनका मानना है कि पूरे सप्लाई सिस्टम की गहन जांच और लगातार निगरानी से ही इस अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

देर रात तक चली जांच और सैंपलिंग

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने बुधवार देर रात तक अमीनाबाद सहित कई इलाकों में जांच अभियान जारी रखा। कार्रवाई के दौरान बरामद दवाओं के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजे गए हैं ताकि उनकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर सप्लाई नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है और पूरे मामले में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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