BuildingFire – अलीगंज अग्निकांड से जुड़ी अवैध इमारत पर फिर टली सुनवाई
BuildingFire- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड के बाद विवादों में आई अवैध इमारत को लेकर चल रही कानूनी प्रक्रिया में एक बार फिर देरी हुई है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के विहित अधिकारी की अदालत में बुधवार को मामले की सुनवाई हुई, लेकिन भवन स्वामी की ओर से अतिरिक्त समय मांगे जाने के बाद अंतिम निर्णय नहीं हो सका। अब इस प्रकरण पर गुरुवार को विस्तृत बहस होगी।

भवन स्वामी की ओर से अतिरिक्त समय की मांग
सुनवाई के दौरान भवन मालिक के अधिवक्ताओं ने प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस का जवाब दाखिल किया। साथ ही उन्होंने मामले पर विस्तृत बहस की अनुमति देने और तैयारी के लिए अधिक समय देने का अनुरोध किया। अदालत ने इस मांग पर विचार करते हुए लंबी अवधि देने से इनकार किया और केवल एक दिन का अतिरिक्त समय उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि पर ही आगे की सुनवाई की जाएगी।
नई भवन उपविधि का दिया गया हवाला
भवन स्वामी की ओर से यह भी दलील दी गई कि संशोधित भवन निर्माण उपविधियों के तहत निर्माण को नियमित करने की संभावना पर विचार किया जाना चाहिए। पक्ष का कहना है कि संबंधित मार्ग की चौड़ाई और वर्तमान नियमों के आधार पर भवन के कुछ हिस्सों को वैध घोषित करने की प्रक्रिया पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा यह भी अनुरोध किया गया कि यदि किसी हिस्से को हटाना आवश्यक माना जाए, तो उसे भवन स्वामी को स्वयं हटाने की अनुमति दी जाए।
अदालत ने सुनवाई की नई तिथि तय की
कार्रवाई के दौरान अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि गुरुवार को उनका एक अन्य न्यायालय में भी मामला निर्धारित है, इसलिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया जाए। इस पर विहित अधिकारी ने कहा कि बहस के लिए शाम तक प्रतीक्षा की जा सकती है, लेकिन सुनवाई आगे टालने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने गुरुवार को अंतिम बहस के लिए मामला सूचीबद्ध कर दिया।
अग्निकांड के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई
यह मामला 22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एक इमारत में लगी आग के बाद सामने आया था। इस हादसे में 15 लोगों की मृत्यु हो गई थी। प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने पाया कि भवन में आग से सुरक्षा के कई आवश्यक इंतजाम मौजूद नहीं थे। साथ ही यह भी सामने आया कि स्वीकृत मानचित्र आवासीय उपयोग के लिए था, जबकि भवन का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
जांच और नियामकीय कार्रवाई जारी
घटना के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 23 जून को भवन स्वामी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। प्राधिकरण का कहना है कि पूरे मामले की जांच उपलब्ध दस्तावेजों, निर्माण संबंधी स्वीकृतियों और लागू नियमों के आधार पर की जा रही है। अब सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई और भवन के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।