राष्ट्रीय

Encounter – बारुईपुर दुष्कर्म-हत्या मामले के आरोपी की मुठभेड़ में मौत पर छिड़ा विवाद

Encounter– पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के कथित दुष्कर्म और हत्या मामले के मुख्य आरोपी प्रभाष मंडल की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद राज्य में राजनीतिक और कानूनी बहस तेज हो गई है। पुलिस ने इस कार्रवाई को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया है, जबकि विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं ने पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े किए हैं। इस बीच आरोपी की मां ने भी बेटे का शव लेने से इनकार करते हुए कहा कि उसे अपने कर्मों का परिणाम मिला है।

आरोपी की मां ने जताया सख्त रुख

आरोपी की मां संध्या मंडल ने बताया कि बुधवार सुबह पुलिस अधिकारियों ने उनके घर पहुंचकर बेटे की मौत की सूचना दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह अस्पताल नहीं जाएंगी और न ही शव अपने कब्जे में लेंगी। उनका कहना था कि जिस गंभीर अपराध में उनके बेटे का नाम सामने आया, उसके बाद उनके मन में उसके प्रति कोई सहानुभूति नहीं बची। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उसकी सामान्य परिस्थितियों में मृत्यु होती तो वह अंतिम दर्शन के लिए जातीं, लेकिन मौजूदा हालात में ऐसा करने का कोई कारण नहीं है।

पुलिस ने मुठभेड़ की बताई पूरी घटना

पुलिस के अनुसार, प्रभाष मंडल को मंगलवार देर रात दक्षिण 24 परगना के सूर्यपुर क्षेत्र में घटनास्थल का पुनर्निर्माण कराने के लिए ले जाया गया था। इसी दौरान उसने कथित तौर पर एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्तौल छीन ली और भागने का प्रयास करते हुए गोली चला दी। पुलिस का दावा है कि टीम ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल बारुईपुर महकमा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का यह भी कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और लगातार भ्रामक जानकारी दे रहा था। अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि इस मामले में फरार चल रहे चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

मुठभेड़ को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चिंता व्यक्त की। वहीं, पार्टी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने भी कहा कि किसी भी आरोपी के मामले में न्यायिक प्रक्रिया का पालन होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि आरोपी को अदालत के समक्ष पेश करने के बजाय मुठभेड़ की नौबत क्यों आई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।

क्या है पूरा मामला

बारुईपुर क्षेत्र की 12 वर्षीय बच्ची 4 जुलाई को लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव दक्षिण 24 परगना के सूर्यपुर हाट इलाके में एक तालाब से बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने और शव को बोरे में भरकर तालाब में फेंकने के संकेत मिले। घटना के बाद इलाके में लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। जांच के दौरान प्रभाष मंडल को मुख्य आरोपी बनाया गया था। अब उसकी मुठभेड़ में हुई मौत के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और पुलिस कार्रवाई, न्यायिक प्रक्रिया तथा कानून व्यवस्था को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है।

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