Vigilance – विम्सार अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी, आय से अधिक संपत्ति की होगी जांच
Vigilance – ओडिशा में आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में राज्य विजिलेंस विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए विम्सार (Veer Surendra Sai Institute of Medical Sciences and Research) के एक अधिकारी से जुड़े पांच स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई बुर्ला स्थित संस्थान में एस्टेब्लिशमेंट ऑफिसर-कम-ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत धनुर्धर बिस्वाल के खिलाफ दर्ज मामले के संबंध में की गई। जांच एजेंसियां उनकी घोषित आय और संपत्तियों के बीच संभावित असमानता की पड़ताल कर रही हैं।

न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई
विजिलेंस विभाग ने बताया कि तलाशी अभियान संबलपुर स्थित विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस) द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर शुरू किया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने चल और अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच की। अधिकारियों का उद्देश्य यह सत्यापित करना है कि संबंधित अधिकारी की संपत्ति उनकी वैध आय के अनुरूप है या नहीं। फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है।
विशेष टीम को सौंपी गई जांच
इस अभियान के लिए ओडिशा विजिलेंस ने विभिन्न स्तर के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम गठित की। टीम में दो डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी), पांच निरीक्षक, तीन सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) और अन्य कर्मचारी शामिल हैं। सभी टीमों को अलग-अलग स्थानों पर एक साथ भेजा गया, ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे और आवश्यक साक्ष्य सुरक्षित किए जा सकें। विभाग के अनुसार, कार्रवाई पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है।
इन स्थानों पर हुई तलाशी
जांच एजेंसियों ने धनुर्धर बिस्वाल के संबलपुर जिले के धनकौडा स्थित दोमंजिला आवास, गुडेसिंगा क्षेत्र में स्थित एक अन्य भवन, विम्सार बुर्ला की मेडिकल स्टाफ कॉलोनी में आवंटित सरकारी आवास तथा संस्थान के सुपरिटेंडेंट कार्यालय में मौजूद उनके कार्यालय कक्ष सहित कुल पांच स्थानों पर तलाशी ली। इन परिसरों से प्राप्त दस्तावेजों, वित्तीय अभिलेखों और अन्य सामग्री की विस्तार से जांच की जा रही है। अधिकारियों ने फिलहाल किसी बरामदगी या संपत्ति के मूल्य का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।
जांच पूरी होने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
विजिलेंस विभाग का कहना है कि तलाशी के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। यदि जांच में यह पाया जाता है कि संबंधित अधिकारी के पास वैध आय से अधिक संपत्ति है, तो प्रचलित कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी तथ्यों का सत्यापन जारी है और विभाग ने मामले में अंतिम निष्कर्ष आने तक किसी प्रकार की अतिरिक्त टिप्पणी करने से परहेज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।