KolkataCollapse – तारातला गोदाम हादसे में 14 हुई मृतकों की संख्या, राहत कार्य जारी…
KolkataCollapse – पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला क्षेत्र में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। हादसे के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार सुबह भी मलबे से कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिसके बाद अब तक बचाए गए लोगों की संख्या 19 हो गई है। बचाव दल मौके पर संभावित रूप से फंसे अन्य लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।

मृतकों और घायलों की पहचान जारी
राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों की सूची जारी की है। अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना दी जा रही है। वहीं, घायलों का उपचार कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा केंद्रों में जारी है। प्रशासन का कहना है कि सभी प्रभावित लोगों का विवरण एकत्र करने और उनकी आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है।
कैसे हुआ यह हादसा
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, तारातला इलाके में ब्रेस ब्रिज के पास ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक गोदाम का निर्माण कार्य चल रहा था। बुधवार दोपहर मजदूर नियमित रूप से निर्माण कार्य में लगे हुए थे, तभी अचानक निर्माणाधीन ढांचे की छत का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया। भारी मलबे की चपेट में आने से कई मजदूर उसके नीचे दब गए। घटना के तुरंत बाद पुलिस, दमकल और आपदा राहत दल मौके पर पहुंच गए और बचाव अभियान शुरू किया गया।
राहत अभियान लगातार जारी
अधिकारियों का कहना है कि बचाव दल आधुनिक उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का काम कर रहे हैं। आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोग फंसे हो सकते हैं, इसलिए अभियान पूरी सावधानी के साथ चलाया जा रहा है। प्रशासन ने बताया कि राहत कार्य तब तक जारी रहेगा, जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि घटनास्थल पर कोई व्यक्ति मलबे के नीचे नहीं है।
सरकार ने कार्रवाई का दिया भरोसा
हादसे के बाद राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। विधानसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना के लिए यदि किसी की लापरवाही जिम्मेदार पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने यह भी कहा है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कराई जा रही है।
हादसे के कारणों की होगी विस्तृत जांच
फिलहाल अधिकारियों की प्राथमिकता राहत और बचाव कार्य को पूरा करना है। इसके साथ ही निर्माणाधीन ढांचे के ढहने के कारणों का तकनीकी परीक्षण भी कराया जाएगा। जांच के दौरान निर्माण कार्य से जुड़े सभी पहलुओं, सुरक्षा मानकों और अनुमति संबंधी दस्तावेजों की भी समीक्षा की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।