Bungee Jumping – उत्तराखंड में एडवेंचर गतिविधियों के लिए बनेंगे सख्त सुरक्षा नियम
Bungee Jumping – उत्तराखंड में तेजी से लोकप्रिय हो रहे एडवेंचर पर्यटन को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में सरकार नए कदम उठाने जा रही है। देवप्रयाग, तपोवन और ऋषिकेश जैसे क्षेत्र बंजी जंपिंग सहित कई रोमांचक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। हालांकि हाल के कुछ हादसों के बाद सुरक्षा व्यवस्था और संचालन मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। इन्हीं चिंताओं को देखते हुए राज्य सरकार एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए नई और सख्त नियमावली लागू करने की तैयारी कर रही है।

पर्यटन विभाग के अनुसार, प्रस्तावित दिशा-निर्देशों का उद्देश्य पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना और एडवेंचर गतिविधियों को बेहतर नियामक ढांचे के अंतर्गत लाना है। नई व्यवस्था अगले कुछ सप्ताह में लागू की जा सकती है।
विशेषज्ञों की राय से तैयार हो रही नई व्यवस्था
पर्यटन विभाग ने बताया है कि नई नियमावली तैयार करने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ-साथ देश और विदेश के विशेषज्ञों से भी सुझाव लिए गए हैं। उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड इस प्रक्रिया का समन्वय कर रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि एडवेंचर पर्यटन उद्योग के तेजी से विस्तार को देखते हुए एक स्पष्ट और मजबूत सुरक्षा ढांचा आवश्यक हो गया है। नई गाइडलाइन का उद्देश्य संचालन प्रक्रियाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाना है।
हालिया घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
पिछले कुछ समय में बंजी जंपिंग से जुड़े दो मामलों ने सुरक्षा प्रबंधन पर बहस को तेज किया है। एक मामले में जंपिंग के दौरान तकनीकी समस्या के कारण एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना के बाद उपकरणों की गुणवत्ता और नियमित जांच की आवश्यकता पर सवाल उठे।
एक अन्य घटना में बंजी जंपिंग के कुछ समय बाद एक पर्यटक की तबीयत बिगड़ गई थी और अस्पताल ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई। हालांकि इस मामले में मृत्यु के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसी गतिविधियों के दौरान शरीर पर अचानक अत्यधिक दबाव पड़ सकता है।
स्वास्थ्य जांच पर रहेगा विशेष जोर
नई नियमावली में प्रतिभागियों की शारीरिक फिटनेस को प्रमुख महत्व दिया गया है। प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, गंभीर हृदय रोग या उच्च रक्तचाप जैसी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों को बंजी जंपिंग जैसी गतिविधियों से बचने की सलाह दी जाएगी।
इसके अलावा 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य करने का प्रस्ताव भी शामिल किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी।
उपकरणों की गुणवत्ता पर होगी कड़ी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत एडवेंचर गतिविधियां संचालित करने वाली कंपनियों को उपकरणों के उपयोग और रखरखाव को लेकर सख्त मानकों का पालन करना होगा। बंजी जंपिंग में इस्तेमाल होने वाली रस्सियों और सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
प्रस्तावित नियमों में यह भी शामिल है कि निर्धारित समय के बाद सुरक्षा उपकरणों को बदलना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही जंपिंग से पहले सभी तकनीकी व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच सुनिश्चित करनी होगी।
ट्रिपल चेक और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय
सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए जंपिंग से पहले बहुस्तरीय निरीक्षण प्रक्रिया लागू करने की तैयारी है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, प्रतिभागी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक से अधिक प्रशिक्षकों द्वारा जांच की जाएगी।
इसके अलावा केवल पैरों के सहारे सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर रहने के बजाय पूरे शरीर को सुरक्षित रखने वाले अतिरिक्त हार्नेस का उपयोग भी अनिवार्य किया जा सकता है। इससे किसी भी आकस्मिक स्थिति में जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी।
एडवेंचर पर्यटन को सुरक्षित बनाने की कोशिश
राज्य सरकार का मानना है कि एडवेंचर पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए सुरक्षा मानकों को मजबूत करना आवश्यक है ताकि पर्यटकों का विश्वास बना रहे और उद्योग का विकास भी सुरक्षित तरीके से जारी रह सके।
नई नियमावली लागू होने के बाद एडवेंचर गतिविधियों के संचालन में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।