LandAcquisition – बिदादी भूमि विवाद पर राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग
LandAcquisition – कर्नाटक के बिदादी क्षेत्र में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। जनता दल (सेक्युलर) की युवा इकाई के प्रदेश अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी ने राज्य सरकार की भूमि नीति पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेतृत्व को निशाने पर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि को विकास परियोजना के नाम पर अधिग्रहित करने की प्रक्रिया से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।

किसानों के पक्ष में हस्तक्षेप की अपील
निखिल कुमारस्वामी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी एक संदेश में कहा कि उन्होंने हाल ही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पत्र भेजकर बिदादी में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण पर रोक लगाने की मांग की थी। उनके अनुसार, इस मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में किसानों ने भी राहुल गांधी को अपनी चिंताओं से अवगत कराया है।
उन्होंने दावा किया कि प्रभावित परिवारों में अधिकांश छोटे और सीमांत किसान हैं, जिनकी आजीविका मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है। निखिल का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया से स्थानीय समुदायों के सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो रही है।
सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों पर असर का दावा
जेडी(एस) नेता ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित अधिग्रहण से प्रभावित लोगों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों की बड़ी संख्या शामिल है। उनके मुताबिक, सरकार जिस परियोजना को आगे बढ़ा रही है, उसकी अनुमानित लागत करीब 33,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
निखिल कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में किसानों के हितों और कानूनी प्रावधानों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार प्रभावित लोगों की चिंताओं को गंभीरता से सुने और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े।
राहुल गांधी से स्पष्ट रुख की अपेक्षा
अपने बयान में निखिल ने राहुल गांधी से इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेतृत्व देशभर में किसानों के अधिकारों की बात करता है, तो कर्नाटक के किसानों की चिंताओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
जेडी(एस) नेता का कहना है कि किसानों की जमीन से जुड़े मामलों में सभी राजनीतिक दलों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर प्रभावित परिवारों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस सरकार से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की पुनर्समीक्षा करने की मांग भी की।
क्या है बिदादी टाउनशिप परियोजना
बिदादी टाउनशिप परियोजना को कर्नाटक सरकार की प्रमुख शहरी विकास योजनाओं में शामिल किया जा रहा है। यह प्रस्तावित परियोजना ग्रेटर बंगलूरू इंटीग्रेटेड टाउनशिप योजना का हिस्सा बताई जाती है, जिसका उद्देश्य राजधानी क्षेत्र के आसपास आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास करना है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह परियोजना नौ गांवों के क्षेत्र में फैले लगभग 7,481 एकड़ भूभाग को कवर कर सकती है। परियोजना को तकनीक आधारित एकीकृत शहरी विकास मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया है और इसमें बड़े निवेश की संभावना जताई जा रही है।
विकास और कृषि भूमि के बीच संतुलन पर बहस
बिदादी परियोजना को लेकर एक ओर सरकार विकास और निवेश के अवसरों की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल और प्रभावित किसान कृषि भूमि की सुरक्षा का मुद्दा उठा रहे हैं। इसी कारण यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय बन गया है।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राज्य सरकार, किसानों और राजनीतिक दलों के बीच संवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।