StockMarket – शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स-निफ्टी मजबूत, रुपये पर बढ़ा दबाव
StockMarket – घरेलू शेयर बाजार ने बुधवार को सकारात्मक शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की खरीदारी के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में बढ़त दर्ज की गई। बड़े और मजबूत कंपनियों के शेयरों में खरीदारी का रुझान देखने को मिला, जिससे बाजार का माहौल उत्साहजनक बना रहा। हालांकि, विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर नजर आया और शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।

प्रमुख सूचकांकों में दर्ज हुई बढ़त
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 300 अंकों से अधिक की तेजी के साथ 74,200 के स्तर के पार पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 23,300 के ऊपर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार में आई यह मजबूती मुख्य रूप से चुनिंदा ब्लू-चिप कंपनियों में निवेशकों की बढ़ी रुचि का परिणाम मानी जा रही है।
किन शेयरों ने संभाला बाजार
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स और ट्रेंट के शेयरों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली। इन कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन ने सूचकांकों को ऊपर ले जाने में अहम भूमिका निभाई।
दूसरी ओर, टाटा स्टील, अदानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा और इटरनल लिमिटेड जैसे कुछ शेयर दबाव में रहे। इन कंपनियों के शेयरों में कमजोरी के बावजूद बाजार का समग्र रुख सकारात्मक बना रहा।
कच्चे तेल में नरमी से मिला सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अपेक्षाकृत नरमी भारतीय शेयर बाजार के लिए राहत का संकेत मानी जा रही है। वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया और हाल के उच्च स्तरों से नीचे बना रहा।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं तो भारत के लिए आयात लागत और महंगाई संबंधी चिंताओं में कमी आ सकती है। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होने और बाजार को समर्थन मिलने की संभावना रहती है।
पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर निवेशकों की नजर
विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव फिलहाल निवेशकों की निगरानी में है। हालांकि, बाजार की शुरुआती चाल से संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल कॉरपोरेट प्रदर्शन और आर्थिक संकेतकों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी रहती है तो इसका असर भारतीय वित्तीय बाजारों पर सकारात्मक रूप से पड़ सकता है।
रुपये में आई कमजोरी
शेयर बाजार में तेजी के बीच भारतीय मुद्रा पर दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 15 पैसे कमजोर होकर 95.56 के स्तर तक पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और ऊर्जा कीमतों से जुड़ी चिंताओं का असर रुपये पर दिखाई दे रहा है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया कमजोर शुरुआत के साथ खुला और कारोबार के शुरुआती घंटों में सीमित दायरे में रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक निवेश प्रवाह की दिशा आगे रुपये की चाल तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
पिछले कारोबारी सत्र में भी रही थी मजबूती
इससे पहले मंगलवार को भी घरेलू बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स लगभग 395 अंकों की तेजी के साथ बंद हुआ था, जबकि निफ्टी ने भी मजबूती दिखाते हुए 23,200 के स्तर को पार किया था। उसी दिन रुपये ने डॉलर के मुकाबले बढ़त दर्ज की थी और विदेशी मुद्रा बाजार में अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में बंद हुआ था।
हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों ने पिछले सत्र में शुद्ध बिकवाली की थी, फिर भी घरेलू निवेशकों की भागीदारी और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी ने बाजार की धारणा को सकारात्मक बनाए रखा।