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MonsoonUpdate – कई राज्यों में भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किए अलर्ट

MonsoonUpdate – दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के साथ देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ले ली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, तमिलनाडु, पूर्वोत्तर राज्यों समेत अनेक क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई है। वहीं उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों के लिए गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में कई इलाकों में वर्षा गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

मानसून की प्रगति के साथ कई राज्यों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को मौसम संबंधी सलाह का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है।

केरल में लगातार बारिश से बढ़ी परेशानी

केरल में पिछले कुछ दिनों से जारी तेज बारिश ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। कई स्थानों पर जलभराव, सड़क अवरोध और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। त्रिशूर जिले में एक पेड़ के गिरने से एक युवक की मौत की भी सूचना मिली है।

मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, इन क्षेत्रों में 24 घंटे के भीतर अत्यधिक वर्षा दर्ज की जा सकती है। हालात को देखते हुए कुछ जिलों में ट्रेकिंग गतिविधियों, पहाड़ी मार्गों पर रात के समय आवागमन और खनन कार्यों पर अस्थायी रोक लगाई गई है। कई स्कूलों में भी एहतियातन अवकाश घोषित किया गया है।

तमिलनाडु में भी बारिश का दौर जारी

चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में 9 जून तक भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से पश्चिमी घाट से जुड़े क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

नीलगिरि, कोयंबटूर, थेनी और डिंडीगुल जैसे जिलों में अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने बताया कि पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में उल्लेखनीय वर्षा दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में जलस्तर बढ़ा है।

पूर्वोत्तर और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों पर भी नजर

मौसम विभाग ने पूर्वोत्तर भारत के राज्यों, कर्नाटक, तेलंगाना, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, रायलसीमा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और संभावित आपात स्थितियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

उत्तर भारत में आंधी और बिजली गिरने का खतरा

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है।

बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश और आंधी-तूफान का असर देखने को मिल सकता है। प्रशासन ने लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

मछुआरों के लिए समुद्र में न जाने की सलाह

समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। तमिलनाडु तट, केरल-कर्नाटक तट, दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, लक्षद्वीप और आसपास के समुद्री इलाकों में हवा की गति काफी तेज रहने का अनुमान है।

अधिकारियों ने मछुआरों को 9 जून तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है। समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को भी मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।

अलर्ट के रंगों का क्या मतलब है?

मौसम विभाग विभिन्न परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी करता है। रेड अलर्ट अत्यधिक गंभीर मौसम की स्थिति को दर्शाता है, जहां बहुत अधिक वर्षा या गंभीर प्रभाव की आशंका रहती है। ऑरेंज अलर्ट संभावित गंभीर मौसम परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने का संकेत देता है, जबकि येलो अलर्ट लोगों को सावधानी बरतने और मौसम की जानकारी पर नजर रखने की सलाह देता है।

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