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GreatNicobarProject – राहुल गांधी ने द्वीप विकास योजना पर उठाए गंभीर सवाल

GreatNicobarProject – कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। शुक्रवार को जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने दावा किया कि सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा और बंदरगाह विकास से जोड़कर प्रस्तुत कर रही है, जबकि वास्तविक उद्देश्य कुछ और है। राहुल गांधी ने कहा कि इस योजना के प्रभावों को समझने के लिए उन्होंने हाल ही में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह का दौरा किया था, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों, पूर्व सैनिकों और आदिवासी समुदायों से बातचीत की।

यात्रा के अनुभवों का किया उल्लेख

अपने वीडियो में राहुल गांधी ने बताया कि उन्होंने द्वीपों के विभिन्न हिस्सों का दौरा किया और वहां के प्राकृतिक परिवेश को करीब से देखा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जैव विविधता, घने वन और समुद्री पारिस्थितिकी इसे देश की महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहरों में शामिल करते हैं। उनके अनुसार, स्थानीय समुदायों ने भूमि अधिग्रहण और विकास गतिविधियों से जुड़ी चिंताओं को भी उनके सामने रखा।

रक्षा परियोजना के दावे पर सवाल

राहुल गांधी ने सरकार के उस तर्क पर भी प्रश्न उठाया जिसमें ग्रेट निकोबार परियोजना को रक्षा आवश्यकताओं से जुड़ा बताया गया है। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ढांचे के विस्तार की आवश्यकता है तो आईएनएस बाज जैसे मौजूदा सैन्य प्रतिष्ठानों को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे किसी कदम को विपक्ष का समर्थन मिलेगा, क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सहयोग जरूरी है।

पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चिंता

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि परियोजना के कारण बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के वन, प्रवाल भित्तियां और अन्य प्राकृतिक संसाधन विकास कार्यों से प्रभावित होने की आशंका है। राहुल गांधी का कहना था कि किसी भी विकास योजना में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के अधिकारों को समान महत्व मिलना चाहिए।

स्थानीय समुदायों के हितों का मुद्दा

वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि परियोजना से प्रभावित होने वाले लोगों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। राहुल गांधी के अनुसार, कुछ स्थानीय परिवारों और आदिवासी समुदायों को अपनी जमीन और आजीविका को लेकर आशंकाएं हैं। उन्होंने मांग की कि विकास संबंधी किसी भी फैसले में प्रभावित लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और उन्हें उचित सुरक्षा तथा अधिकार दिए जाएं।

टिकाऊ विकास मॉडल की वकालत

राहुल गांधी ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उनका मानना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि निकोबार जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ऐसी योजनाएं बनाई जानी चाहिए जो प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखते हुए स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करें। उनके अनुसार, यह क्षेत्र टिकाऊ पर्यटन और पर्यावरण-अनुकूल विकास के लिए बड़ी संभावनाएं रखता है।

जयराम रमेश ने भी जताई आपत्ति

राहुल गांधी के वीडियो को साझा करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी परियोजना को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ग्रेट निकोबार योजना के पर्यावरणीय प्रभावों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। रमेश का आरोप है कि परियोजना के लिए दी गई पर्यावरण और वन संबंधी मंजूरियों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए और उपलब्ध विकल्पों पर व्यापक विचार होना चाहिए।

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