News – गंगा की तेज धारा में स्टंट वीडियो के जुनून ने बढ़ाई चिंता
News – हरिद्वार में सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश में किया गया एक खतरनाक स्टंट चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में एक युवक गंगा नदी की तेज धारा में थर्माकोल के बने बड़े तैरते टुकड़े पर लेटा दिखाई दे रहा है। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया जा रहा है, जिसके बाद लोगों ने इस तरह के जोखिम भरे कृत्य को लेकर चिंता जताई है।

युवक का यह वीडियो उस समय रिकॉर्ड किया गया जब वह नदी के बहाव के साथ काफी दूर तक बहता नजर आया। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि गंगा जैसी तेज धारा वाली नदी में इस प्रकार का स्टंट कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। फिलहाल मामले में किसी आधिकारिक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
वीडियो ने उठाए सुरक्षा से जुड़े सवाल
वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक बिना किसी सुरक्षा उपकरण के नदी की धारा में बह रहा है। देखने में यह दृश्य भले ही रोमांचक लगे, लेकिन वास्तविकता में यह बेहद जोखिमपूर्ण है। नदी का बहाव किसी भी समय दिशा बदल सकता है या संतुलन बिगड़ने पर व्यक्ति पानी में गिर सकता है, जिससे जान का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक दर्शक और प्रतिक्रियाएं पाने की चाह में कुछ युवा अपनी सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं। ऐसे वीडियो दूसरे युवाओं को भी इसी तरह के स्टंट के लिए प्रेरित कर सकते हैं।
गंगनहर क्षेत्र में बढ़ रही जोखिम भरी गतिविधियां
हरिद्वार और रुड़की के आसपास स्थित गंगनहर क्षेत्र में भी इन दिनों इसी तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं। गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में युवक नहर और नदी किनारे पहुंच रहे हैं। कई स्थानों पर पुलों से पानी में छलांग लगाने और स्टंट करते हुए वीडियो बनाने की घटनाएं देखी जा रही हैं।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार कुछ युवक दोस्तों के प्रोत्साहन और सोशल मीडिया सामग्री तैयार करने के लिए खतरनाक कदम उठा रहे हैं। तेज बहाव और गहराई की अनदेखी कई बार गंभीर परिणाम लेकर आती है, लेकिन इसके बावजूद ऐसी गतिविधियां थम नहीं रही हैं।
पहले भी सामने आ चुके हैं हादसे
क्षेत्र में बीते महीनों के दौरान कई दुखद घटनाएं दर्ज की गई हैं। पिरान कलियर क्षेत्र में एक युवक नहर में नहाने के दौरान डूब गया था। इसी तरह एक छात्र भी गंगनहर में हादसे का शिकार हो गया था, जिसका शव कई दिनों की तलाश के बाद मिला।
अप्रैल महीने में भी अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों के बहाव में लापता होने की खबरें सामने आई थीं। इन मामलों ने एक बार फिर जल स्रोतों के आसपास सुरक्षा उपायों और जनजागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
जागरूकता और सतर्कता की जरूरत
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष गर्मियों के दौरान ऐसी घटनाओं में वृद्धि देखी जाती है। कई परिवार अपने प्रियजनों को खो चुके हैं, फिर भी जोखिम भरे स्टंट का सिलसिला जारी है। नागरिकों का मानना है कि प्रशासनिक निगरानी के साथ-साथ युवाओं के बीच जागरूकता अभियान चलाना भी जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नदियों और नहरों में तेज बहाव को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए। सोशल मीडिया के लिए बनाई गई एक वीडियो क्षणिक लोकप्रियता दे सकती है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना में बदल सकती है। इसलिए जलाशयों के आसपास सावधानी बरतना और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद आवश्यक है।