PMMuseum – प्रधानमंत्री संग्रहालय में टिकट दरें घटीं, नई सुविधाएं भी जुड़ेंगी…
PMMuseum – दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय को आम लोगों के लिए और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। संग्रहालय में आने वाले परिवारों, छात्रों और बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई सेवाओं के टिकट शुल्क में कमी करने का निर्णय लिया गया है। नई दरें एक जून से लागू होंगी। अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को देश के प्रधानमंत्रियों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास को करीब से समझने का अवसर देना है।

प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय के निदेशक अनिल लोहानी ने जानकारी दी कि संग्रहालय में उपलब्ध विभिन्न अनुभव आधारित सेवाओं के शुल्क में लगभग 30 प्रतिशत तक कमी की जाएगी। हालांकि, मुख्य प्रवेश टिकट की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अभी पांच से 11 वर्ष तक के बच्चों के लिए सप्ताह के सामान्य दिनों में टिकट 40 रुपये और सप्ताहांत में 50 रुपये है। वहीं 12 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए वीकडेज में 50 रुपये और वीकेंड पर 100 रुपये का शुल्क लागू है।
परिवारों और बच्चों को आकर्षित करने की तैयारी
प्रबंधन का मानना है कि टिकट दरों में कटौती से ज्यादा परिवार संग्रहालय का रुख करेंगे। खासतौर पर गर्मी की छुट्टियों और सप्ताहांत के दौरान यहां आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। संग्रहालय में कई ऐसी गतिविधियां शामिल हैं, जिनके जरिए आगंतुक देश के प्रधानमंत्रियों और ऐतिहासिक घटनाओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से समझ सकते हैं।
कम किए गए शुल्क में “सेल्फी विद पीएम”, “वॉक विद पीएम”, सुरक्षा अनुभव, “लेटर फ्रॉम पीएम” और ऑडियो गाइड जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा हेलीकॉप्टर राइड और एआई आधारित होलोबॉक्स अनुभव के टिकट भी पहले की तुलना में सस्ते किए गए हैं। लाइट एंड साउंड शो के टिकट में भी राहत दी गई है, जिससे शाम के समय होने वाले कार्यक्रम अधिक लोगों तक पहुंच सकेंगे।
एआई तकनीक से ऐतिहासिक हस्तियों से संवाद
संग्रहालय की सबसे चर्चित सुविधाओं में एआई होलोबॉक्स गैलरी शामिल है। यहां आने वाले लोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से देश की प्रमुख हस्तियों के डिजिटल स्वरूप से बातचीत कर सकते हैं। पहले इस गैलरी में सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के 3डी अवतार मौजूद थे, लेकिन अब इसमें महात्मा गांधी को भी जोड़ा गया है।
इस इंटरैक्टिव तकनीक के जरिए दर्शक गांधीजी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन और देश के विभाजन जैसे विषयों पर सवाल पूछ सकते हैं। संग्रहालय में प्रस्तुत डिजिटल संवाद के अनुसार महात्मा गांधी भारत-पाकिस्तान विभाजन के पक्ष में नहीं थे। आगंतुक उनके विचारों और ऐतिहासिक घटनाओं से जुड़े जवाब तकनीक के माध्यम से सुन सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी को इतिहास से अधिक जुड़ाव महसूस कराना बताया जा रहा है।
अटल बिहारी वाजपेयी गैलरी भी जल्द खुलेगी
संग्रहालय प्रशासन ने यह भी बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी विशेष गैलरी पर काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि यह गैलरी 30 जून तक आम लोगों के लिए खोल दी जाएगी। इसमें वाजपेयी के राजनीतिक जीवन, भाषणों, कविताओं और राष्ट्रीय योगदान से जुड़ी सामग्री को आधुनिक डिजिटल माध्यमों के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री संग्रहालय पिछले कुछ वर्षों में देश के प्रमुख ऐतिहासिक और डिजिटल संग्रहालयों में शामिल हो चुका है। यहां तकनीक और इतिहास को एक साथ जोड़कर ऐसा अनुभव तैयार करने की कोशिश की गई है, जिससे युवा पीढ़ी भी देश के राजनीतिक इतिहास को रोचक तरीके से समझ सके।