उत्तराखण्ड

SSCExam – ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों में नकल गिरोह का नेटवर्क उजागर

SSCExam – एसएससी की ऑनलाइन परीक्षाओं में संगठित तरीके से नकल कराने के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। उत्तराखंड के देहरादून के बाद उत्तर प्रदेश के नोएडा में भी इसी पैटर्न पर चल रहे एक नकल नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यूपी एसटीएफ ने हाल ही में एक परीक्षा केंद्र पर कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें दो आरोपी पहले से उत्तराखंड में दर्ज मामले में वांछित बताए जा रहे थे। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद अब ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क परीक्षा केंद्रों के सर्वर सिस्टम में हस्तक्षेप कर अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से मदद पहुंचाने के लिए तैयार किया गया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ निजी लैब संचालकों ने तकनीकी खामियों का इस्तेमाल कर नकल का संगठित तंत्र खड़ा किया।

देहरादून से शुरू हुई थी जांच

उत्तराखंड एसटीएफ ने फरवरी में देहरादून स्थित एक ऑनलाइन परीक्षा लैब में नकल का खुलासा किया था। यह लैब एक निजी संस्थान परिसर में संचालित हो रही थी। कार्रवाई के बाद संबंधित लैब को बंद करा दिया गया और कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

जांच के दौरान एसटीएफ को पता चला कि देशभर में बड़ी संख्या में परीक्षा लैब स्थापित करने वाले कुछ लोगों ने सर्वर रूम तक विशेष पहुंच बनाकर नकल कराने का तरीका विकसित किया था। एजेंसियों का दावा है कि कई केंद्रों में तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ कर परीक्षार्थियों को फायदा पहुंचाया जा रहा था।

देशभर में फैला हो सकता है नेटवर्क

जांच में सामने आया कि एक आरोपी ने देशभर में लगभग 500 परीक्षा लैब स्थापित की थीं। इनमें से सौ से अधिक केंद्र ऐसे बताए जा रहे हैं, जहां सर्वर सिस्टम तक पहुंच रखने वाले लोगों की मदद से परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित की जा सकती थी।

उत्तराखंड एसटीएफ ने इस जानकारी को यूपी एसटीएफ के साथ साझा किया था। इसके बाद नोएडा में संयुक्त कार्रवाई के दौरान एसएससी की सीएपीएफ, एसएसएफ और असम राइफल्स भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। अधिकारियों का कहना है कि दोनों राज्यों में सामने आए मामलों का तरीका लगभग समान था।

लाखों रुपये लेकर पास कराने का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार कुछ अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के बदले बड़ी रकम वसूली जा रही थी। नोएडा मामले में प्रति उम्मीदवार चार लाख रुपये तक लेने की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

एसटीएफ का मानना है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं है, बल्कि कई राज्यों में फैला हुआ संगठित गिरोह हो सकता है। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से सर्वर एक्सेस और डेटा गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर उठे सवाल

देशभर में कर्मचारी चयन आयोग की कई परीक्षाएं अब ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाती हैं। इसके लिए निजी कंपनियों और परीक्षा केंद्रों की सेवाएं ली जाती हैं। हाल के खुलासों के बाद इन केंद्रों की निगरानी व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि परीक्षा केंद्रों के सर्वर तक बाहरी लोगों की पहुंच संभव हुई है, तो इससे भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। मामले की व्यापक जांच होने पर कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

आगे और गिरफ्तारी की संभावना

उत्तराखंड एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार मामले में जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। एजेंसियां उन लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं, जिन्होंने परीक्षा केंद्रों के संचालन और तकनीकी व्यवस्थाओं में जिम्मेदारी संभाली थी।

अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन परीक्षाओं की सुरक्षा मजबूत करने और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त निगरानी तंत्र विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है।

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